नई दिल्ली

CBSE कक्षा 12वीं रिजल्ट: दिल्ली हाई कोर्ट का रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने से इनकार, अब जुलाई में होगी सुनवाई

CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई की ओर से दलील दी गई कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत छात्रों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने का अवसर दिया गया था और अब पूरी प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना लाखों छात्रों के हितों को प्रभावित कर सकता है।

2 min read
CBSE Class 12 OSM marking hearing
रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने से कोर्ट का इनकार (Photo: ANI)

सीबीएसई कक्षा बारहवीं की परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच दिल्ली हाई कोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने सीबीएसई के रीवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल को दोबारा खोलने के संबंध में कोई अंतरिम निर्देश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई जुलाई महीने तक टाल दी है।

NSUI ने दाखिल की थी जनहित याचिका

इस मामले में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की थी। याचिका में मांग की गई थी कि ओएसएम (OSM) मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ी के कारण जिन छात्रों के नंबर प्रभावित हुए हैं, उन्हें मुआवजे के तौर पर अतिरिक्त अंक (Compensatory Marks) दिए जाएं। साथ ही, प्रभावित छात्रों को अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराने का पूरा मौका मिले, इसके लिए रीवैल्यूएशन पोर्टल को एक महीने के लिए दोबारा खोला जाए। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस जनहित याचिका पर तुरंत कोई भी राहत देने के बजाय मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए नियमित बेंच के पास भेज दिया है।

सॉलिसिटर जनरल बोले- 70 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित होंगे

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट को बताया कि बड़ी संख्या में छात्र पहले ही सीबीएसई पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस समय रीवैल्यूएशन पोर्टल को दोबारा खोला जाता है तो इसका असर केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के लाखों छात्रों पर पड़ेगा। उन्होंने अदालत को बताया कि लगभग 1.27 लाख छात्र पहले ही सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।

तुषार मेहता ने दलील दी कि इस वर्ष सीबीएसई परीक्षा में 70 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। ऐसे में पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को फिर से शुरू करने से परिणामों में देरी होगी और छात्रों के अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में दाखिले प्रभावित हो सकते हैं।

जुलाई में होगी अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया और मामले को जुलाई में नियमित बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कर दिया है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत OSM मार्किंग विवाद, अतिरिक्त अंक देने की मांग और रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने के मुद्दे पर विस्तार से विचार कर सकती है।

फिलहाल सीबीएसई का रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा नहीं खुलेगा और प्रवेश प्रक्रिया तय समय के अनुसार जारी रहेगी। हालांकि, जुलाई में होने वाली सुनवाई के बाद मामले में कोई नया निर्देश आता है या नहीं, यह अदालत के अगले फैसले पर निर्भर करेगा।

बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को अधिक तेज और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली (OSM) लागू की है। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परीक्षकों द्वारा जांचा जाता है और वहीं अंक दिया जाता है। हालांकि, इस प्रणाली की सटीकता और पारदर्शिता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

Published on:
12 Jun 2026 04:53 pm