
नई दिल्ली। यात्री वाहनों यानी कारों में सवारियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को भारत में वाहनों के लिए फ्रंट साइड एयरबैग को अनिवार्य करने का एक प्रस्ताव जारी किया और इस पर जनता की प्रतिक्रिया मांगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक ताजा प्रस्ताव में देश में सभी नए और मौजूदा वाहनों में आगे के हिस्से में एयरबैग को अनिवार्य बनाए जाने के लिए कहा गया है।
दरअसल, कारों में यात्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फ्रंट पैसेंजर के लिए एयरबैग अनिवार्य रूप से दिए जाने का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, "इस नए आदेश के कार्यान्वयन के लिए नए मॉडल के लिए प्रस्तावित समय सीमा 1 अप्रैल 2021 और मौजूदा मॉडलों के लिए 1 जून 2021 निर्धारित की गई है।" बयान में आगे लिखा गया, "इसे दिनांक 28 दिसंबर 2020 को ड्राफ्ट अधिसूचना संख्या जीएसआर 797 (ई) के अंतर्गत मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है।"
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में सरकार ने 1 अप्रैल 2020 से नए कार मॉडल में नए नियम को लागू करने का प्रस्ताव किया है और मौजूदा मॉडलों के लिए समयरेखा 1 जून 2020 तक रखी गई है।
इससे संबंधित सभी हितधारकों को अगले एक महीने में मामले पर सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है। चालकों के लिए एयरबैग को जुलाई 2019 से केंद्र सरकार द्वारा अनिवार्य कर दिया गया था।
मंत्रालय की अधिसूचना में लिखा गया है, "यात्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यह अनिवार्य करने का प्रस्ताव करता है कि एक वाहन के सामने की सीट पर चालक के बगल में बैठे यात्री के लिए एक एयरबैग प्रदान किया जाए।"
इस संबंध में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि परिवहन मंत्रालय इस बात पर चर्चा कर रहा है कि क्या ड्राइवर के पास बैठे यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल एक सीट बेल्ट ही पर्याप्त होगा या एयरबैग को अनिवार्य बनाना आवश्यक होगा। अधिकारी ने कहा, "हम इस नतीजे पर पहुंचे कि आगे की सीट पर सह-यात्री के लिए एयरबैग को भी लागू किया जाना चाहिए।"