लुधियाना जिला अदालत में हुए धमाके पर देश के प्रधान न्यायधीश एन. वी. रमना ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह अच्छे संकेत नहीं है बल्कि यह एक चिंताजनक ट्रेंड है।
नई दिल्ली: आज पंजाब के लुधियाना जिला अदालत के वॉशरूम में एर जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई है वहीं चार अन्य लोग बुरी तरह से घायल भी हो गए हैं। वहीं केंद्र सरकार ने इस मामले पर पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही केंद्रीय खुफिया और जांच एजेंसियों को भी इस हमले में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। अब इस धमाके में खालिस्तानी ग्रुप का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं देश के प्रधान न्यायधीश एन. वी. रमना ने भी लुधियाना जिला अदालत परिसर में हुए इस धमाके पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह अच्छे संकेत नहीं है बल्कि यह एक चिंताजनक ट्रेंड है।
चीफ जस्टिस एन. वी. रमना ने बम विस्फोट पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि जहां लोग न्याय मिलने की उम्मीद में जाते हैं वहां इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। मैं आशा करता हूं कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अदालत परिसरों और उससे जुड़े सभी पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ध्यान देंगी।
इसके साथ ही प्रधान न्यायाधीश ने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा से फोन पर बात की। न्यायमूर्ति रमण ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। साथ ही घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है।
पुलिस को आईईडी ब्लास्ट का शक
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने एक पत्र लिखकर पंजाब सरकार से घटना का ब्योरा देते हुए रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने का निर्देश दिया है। वहीं आशंका जताई जा रही है कि यह आईईडी ब्लास्ट हो सकता है। पुलिस का कहना है कि मामले की शुरूआती जांच में यह सामने आ रहा है कि इस धमाके में जिस शख्स का शव क्षत-विक्षत हो गया, वह कोई संदिग्ध है। हालांकि अभी इसकी जांच की जा रही है।
वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने विस्फोट में घायल हुए लोगों से अस्पताल में जाकर मुलाक़ात की। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, आज राज्य में राजनीतिक एजेंडे के नाम पर डर फैलाया जा रहा है। वोटों के ध्रुवीकरण के लिए निर्दोष लोग मारे जाते हैं, ये कतई सही नहीं है।