नई दिल्ली

‘जय भीम’ का नारा सिर्फ दलितों के लिए नहीं’, अभिजीत दीपके ने कहा- बाबासाहेब अंबेडकर केवल दलित के नेता नहीं हैं

Cockroach Janta Party Abhijit Dipk: 'आज तक' पर डिबेट के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि 'जय भीम' का नारा सिर्फ दलितों तक सीमित नहीं है। बाबासाहेब अंबेडकर केवल एक वर्ग के नहीं, बल्कि हर शोषित और महिलाओं के सशक्तिकरण के नेता थे।
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Jai Bhim slogan meaning
'जय भीम' का नारा सिर्फ दलितों के लिए नहीं'

Jai Bhim slogan meaning: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर और 'जय भीम' के नारे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब को केवल एक जाति या वर्ग तक सीमित करके देखना सही नहीं है, क्योंकि उनका योगदान पूरे समाज और देश के लिए था।

बता दें कि आज तक के एक डिबेट कार्यक्रम में अभिजीत दीपके ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक समानता और अधिकारों के सबसे बड़े पैरोकार भी थे। दीपके ने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों का जिक्र करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनके मुताबिक, महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति और समान अधिकार दिलाने की दिशा में डॉ. अंबेडकर का योगदान इतना महत्वपूर्ण है कि उन्होंने महिलाओं के लिए उतना, बल्कि कई मामलों में उससे भी अधिक काम किया, जितना किसी अन्य वर्ग के उत्थान के लिए किया गया।

बाबा साहब नहीं होते तो हम खेतों में काम करते

अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके जीवन में डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि उनके पिता बाबा साहेब को बहुत मानते थे और यदि बाबा साहेब नहीं होते, तो न उनके पिता पढ़-लिख पाते और न ही उन्हें शिक्षा दिला पाते। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता खेतों में काम करते थे और वे किसी बड़े या संपन्न परिवार से नहीं आते हैं। बाहर जाकर जो पढ़ाई उन्होंने की है, वह केवल शिक्षा के अधिकार और बाबा साहेब के विचारों की बदौलत संभव हो सकी।

आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक था- दीपके

अभिजीत दीपके ने अपने बयान में कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक था और इसका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन के पीछे किसी भी राजनीतिक दल का हाथ नहीं था और न ही इसे किसी पार्टी ने संचालित किया। दीपके ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया, लेकिन आंदोलन का संचालन किसी दल के इशारे पर नहीं हुआ। उन्होंने दोहराया कि यह आम लोगों का आंदोलन था, जिसे पूरी तरह स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक भावना के साथ चलाया गया।

Updated on:
02 Aug 2026 07:56 pm
Published on:
02 Aug 2026 07:56 pm