
Rekha Gupta Action: दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसके प्रभाव से जहां लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है, वहीं आंखों में जलन समेत कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर जहरीली हवा का प्रभाव ज्यादा दिख रहा है। ऐसे में मंगलवार को दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता प्रदूषण को लेकर सख्ती मोड में दिखीं। उन्होंने दिल्ली जिला प्रशासन और एमसीडी को सख्त निर्देश देते हुए प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
सीएम रेखा गुप्ता ने अपने आदेश में साफ कहा है कि अगर कोई खुलेआम कचरा जलाते मिले या फिर तंदूर में कोयला जलाते मिले तो उसपर सीधे 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। दिल्ली में जब तक प्रदूषण के स्तर में सुधार दर्ज नहीं होता है, तब तक किसी को भी खुले में कचरा जलाने और तंदूर में कोयला जलाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में सीएम रेखा के इस आदेश से सबसे ज्यादा झटका ढाबा संचालकों और रेस्तरां चलाने वालों को लग सकता है, क्योंकि इन दोनों जगहों पर खाना बनाने में कोयले का इस्तेमाल होता है। सीएम रेखा गुप्ता के आदेशानुसार इन जगहों पर कोयला इस्तेमाल करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई है।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने जिला प्रशासन और एमसीडी को सख्त निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और अगर कोई खुले में कचरा जलाता पाया जाए तो उसपर सीधे 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। इसके अलावा खुले में पत्ते जलाने या फिर पराली जलाने वालों पर भी जुर्माना लगाने के आदेश हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) से Air Act की धारा 31 (A) के तहत कार्रवाई का अनुमोदन मिलने के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने यह आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने में लोगों से सहयोग करने की अपील भी की है।
दिल्ली में बुधवार यानी 10 दिसंबर की सुबह हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार देखने को मिला, जबकि मंगलवार को भी दिल्ली का औसत AQI 341 से गिरकर 291 दर्ज किया गया था। यानी मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया था। जबकि बुधवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 300 रिकॉर्ड किया गया, जो फिलहाल 'खराब' श्रेणी में है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है और शहर के कई इलाके बुधवार सुबह धुंध की चादर में लिपटे रहे। बुधवार को 28 निगरानी केंद्रों में वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज हुई, जबकि नौ केंद्रों में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' दर्ज की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को एनएसआईटी में 324 और बवाना 319 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो सबसे खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा जहांगीर पुरी, आनंद विहार, मुंडका, नेहरू नगर, पूसा, विवेक विहार और वजीरपुर में भी एक्यूआई 300 के पार रहा। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। हालांकि आयानगर, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 और मंदिर मार्ग में वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम श्रेणी का रहा।