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राम मंदिर ट्रस्ट को RTI के दायरे में लाने की मांग, सांसद जॉन ब्रिटास ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी

John Brittas Ram Janmabhoomi Trust RTI: सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) कानून के दायरे में लाने की मांग की है।
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नई दिल्ली

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Anand Shekhar

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Satya Brat Tripathi

Jul 05, 2026

Rajya Sabha MP John Brittas

राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास (फोटो- Brittas.in)

John Brittas letter to Amit Shah: उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला इन दिनों देश-दुनिया में सुर्खियों में हैं। इस मामले को लेकर चल रही जांच के बीच CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से केंद्रीय सूचना आयोग के उस पुराने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है, जिसके तहत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना का अधिकार (RTI) कानून के दायरे से बाहर रखा गया था। इस संबंध में सांसद पत्र में कहा है कि पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही के लिए ट्रस्ट को RTI कानून के दायरे में लाना जरूरी है।

उन्होंने पत्र में यह भी तर्क दिया है कि पारदर्शिता संबंधी मानकों को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासन पर लागू करने से न तो उसकी धार्मिक स्वायत्तता कम होगी और न ही धर्म की स्वतंत्रता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे शासन-प्रबंधन, वित्तीय प्रशासन, सार्वजनिक दान के उपयोग, ठेकों के आवंटन जैसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित होगी और जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

ब्रिटास ने यह भी कहा कि सूचना आयोग ने अपने निर्णय में काफी हद तक केंद्रीय गृह मंत्रालय के रुख पर भरोसा किया था, इसलिए मंत्रालय को अपने इस रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में इन दिनों विपक्ष के निशाने पर केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार है।

चंदा चढ़ावा मामले में आज पूछताछ संभव

3 जुलाई को विशेष जांच दल (SIT) ने राम मंदिर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की आगे की जांच के लिए मंदिर परिसर का दौरा किया था। राज्य सरकार ने 1 जुलाई को जांच पूरी करने के लिए एसआईटी को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया। यह विस्तार जांच के दायरे को बढ़ाने और मामले के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करने के उद्देश्य से दिया गया है।

23 जून को एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।

यह इस्तीफा पुलिस द्वारा एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद दिया गया। बताया जा रहा है कि अयोध्या पुलिस रविवार को आरोपियों से पूछताछ कर सकती है।