राहुल गांधी से जुड़े एक वीडियो को BJP के कुछ नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है, जिसे लेकर कांग्रेस ने कहा है कि यह वीडियो फर्जी खबर के रूप में फैलाया जा रहा है। अगर BJP और उनके नेताओं ने इसके लिए माफी नहीं मांगी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस पार्टी के महासचिव और मीडीया प्रभारी जयराम रमेश ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर BJP के नेताओं द्वारा फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट की कड़ी निंदा की है और माफी मांगने की मांग की है। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं करने पर उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। ये पूरा मामला एक नीजी न्यूज चैनल से संबंधित है, जिसके प्राइम टाइम में राहुल गांधी से जुड़ी एक वीडियो क्लिप चलने के बाद से ये बवाल शुरु हुआ है। इसे लेकर कांग्रेस की ओर से बीजेपी अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है।
दरअसल, न्यूज चैनल ने एक वीडियो चलाया था, जिसमें दावा किया गया था कि राहुल गांधी ने उदयपुर के हत्यारों को बच्चा कहा और उन्हें छोड़ देने की बात कही थी। कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड स्थित उनके कार्यालय पर किए गए हमले के संदर्भ में राहुल गांधी ने एक टिप्पणी की, जिसे एक न्यूज चैनल ने उदयपुर की घटना से जोड़कर पेश किया। हालांकि बाद में चैनल ने इस पर खेद व्यक्त किया।
जयराम रमेश ने पत्र में लिखा, "राहुल गांधी के वास्तविक वीडियो में वे उनके वायनाड कार्यालय पर एसएफआई द्वारा की गई हिंसा के संबंध में टिप्पणी कर रहे थे, लेकिन एक चैनल द्वारा उसे जानबूझकर और शरारतपूर्ण ढंग से काट-छांट करके इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया जैसे कि यह टिप्पणी उदयपुर कन्हैया लाल की जघन्य हत्या के संबंध में थी।"
कांग्रेस पार्टी के महासचिव ने आगे लिखा, "इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि आपकी पार्टी के कई सहयोगियों, जिनमें राज्यवर्धन राठौर, सांसद सुव्रत पाठक, सांसद कमलेश सैनी, विधायक और अन्य शामिल हैं, उन्होंने बड़े उत्साहपूर्वक और कोई सत्यापन किए बिना जानबूझकर इस मनगड़ंत और विकृत रिपोर्ट को सोशिल मीडिया पर प्रकाशित और शेयर किया।"
उन्होंने आगे लिखा, "हमने पहले ही मूल प्रसारणकर्ता चैनल के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हम आशा करते हैं कि आप और आपकी पार्टी के सहयोगी इस तरह के झूठ फैलाना बंद करेंगे और ऐसी हरकतों से बाज आएंगे। इसके अतिरिक्त, मुझे आशा है कि आप अपने उन सहयोगियों की ओर से तुरंत उचित माफीनामा जारी करेंगे, जिन्होंने सच्चाई का इस तरह से घोर अपमान किया है। अगर यह माफीनामा आज जारी नहीं किया जाता तो हम आपकी पार्टी और उसके उन नेताओं के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे, जो इस तरह के गैर-जिम्मेदार और आपराधिक तरीके से सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने पर जोर देते हैं।"
आपको बता दें, राहुल गांधी ने वायनाड स्थित उनके दफ्तर में तोड़फोड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि "यह मेरा दफ्तर है और मेरे दफ्तर से भी पहले यह वायनाड के लोगों का दफ्तर है। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जिन्होंने यह सब किया है वो बच्चे हैं। उन्होंने गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है। उसको लेकर मेरे अंदर कोई नाराजगी नहीं है। मेरी उनसे कोई दुश्मनी नहीं है।"