नई दिल्ली

Gyanvapi: श्रीलंका जैसे हालात दे रहे दस्तक, इसलिए उठा रहे ज्ञानवापी जैसे मुद्दे-अजय माकन

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि आज महंगाई की दर अब तक की सबसे अधिक है। देश में बेरोजगारी चरम पर है। देश में श्रीलंका जैसे हालात दस्तक दे रहे हैं। इस तरह के हालात और बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ज्ञानव्यापी जैसे मुद्दों को लाया जा रहा है। कांग्रेस इस तरह के मामलों में राम मंदिर की तरह सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान करेगी।
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Congress अजय माकन (Ajay Maken) ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvyapi Masjid) जैसे मुद्दे इस समय क्यों आ रहे है? जबकि देश में महंगाई से आम आदमी त्रस्त है। बेरोजगारी चरम पर है। इन मुद्दों से युवाओं का ध्यान हटाने के लिए भाजपा की यह साजिश है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 1991 के प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट (Places Of Worship Act) के तहत ही राम मंदिर का फैसला सुनाया था। जिसका हम सभी लोगों ने स्वागत किया था। इसलिए अन्य मामले भी इसी एक्ट के तहत आने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता गलतफहमी का शिकार है। उनको लगता है कि भारत केवल चंद भूखंडों का ही समूह है। जबकि ये सच्चाई नहीं है। भारत लोगों का समूह है। जब वो भारत के इस समूह को धर्म, अमीर-गरीब, दलित और आदिवासी के साथ अन्य तरह से हमारे जनसमूह को तोड़ते और बांटते हैं तो भारत टूटता है। कांग्रेस पार्टी चिंतन शिविर के नव संकल्प शिविर के माध्यम से ये कहना चाहते हैं कि हम भारत को टूटने नहीं देंगे। भारत को तोडऩे की जो नासमझी भरी हरकत भाजपा के लोग कर रहे हैं, उसको नहीं हम होने देंगे, हम भारत जोड़ेगे। माकन ने पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ती के ठिकानों पर सीबीआई के छापे पर उनके साथ पार्टी खड़ी है।

सुब्बाराव की संस्था से लिया नारा

माकन ने बताया कि ‘जोड़ो-जोड़ो, भारत जोड़ो’ गांधीवादी सुब्बाराव की संस्था का नारा है। हमने सुब्बाराव की संस्था के इस नारे को लिया है और हम लोग पूरे हिंदुस्तान के अंदर कांग्रेस के सभी लोग यात्राएं करके भारत को जोडऩे की बात करेंगे। भारत को तोडऩे की साजिश की जा रही है, ये हम लोगों को बताना चाहेंगे। इसके साथ ही पार्टी में ढांचागत बदलाव भी किया जाएगा।