पटना के गांधी मैदान में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली में धमाके के मामले में कोर्ट ने 9 दोषियों को सजा सुना दी है। वहीं इस मामले में जेल में बंद एक शख्स को निर्दोष पाए जाने पर कोर्ट ने रिहा कर दिया है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में हुए सिलसिलेवार धमाके के मामले में कोर्ट ने 9 दोषियों को सजा सुना दी है। जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि 2 को उम्रकैद की सजा दी गई है। वहीं 2 अन्य आतंकियों को 10 साल की सजा सुनाई जबकि एक आतंकि 7 साल की सजा सुनाई गई। इसके आलावा कोर्ट ने 8 साल तक जेल में रहे यूपी के एक शख्स फकरुद्दीन को निर्दोष पाते हुए रिहा कर दिया था।
कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट पहुंचे दोषी
बता दें कि आज इस मामले में दोषियों की सजा का ऐलान होना था। ऐसे में इन दोषियों को कोर्ट लाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मामले के सभी दोषी बेउर जेल में थे। इसके चलते जेल से एनआइए कोर्ट तक भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिए एसपी सिटी के साथ ही डीएसपी स्तर के तीन अधिकारियों और आधा दर्जन थानों की पुलिस को लगाया गया। खुफिया विभाग की टीम के साथ ही एटीएस और एसटीएफ को भी अलग से लगाया गया।
कब और कहां हुआ धमाके
जानकारी के मुताबिक उस दिन नरेंद्र मोदी की रैली से पहले सात धमाके हुए थे। पहला धमाका सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नम्बर 10 के शौचालय में हुआ था। दूसरा धमाका सुबह 11:40 बजे गांधी मैदान के बाहर उद्योग भवन के पास हुआ। तीसरा धमाका दोपहर 12:05 बजे गांधी मैदान के बाहर रीजेंट सिनेमा के पास हुआ। इसके बाद चौथा धमाका दोपहर 12:10 बजे गांधी मैदान में बापू की पुरानी प्रतिमा के पास हुआ। इसके अलावा गांधी मैदान के पास ही तीन और धमाके हुए। खास बात यह है कि इन धमाकों के बावजूद नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया था।
गौरतलब है कि यह मामला साल 2013 का है, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पटना में चुनावी सभा करने आए थे। इस दौरान गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं कई अन्य घायल भी हो गए थे। बता दें कि इस केस में कई ऐसे आरोपित हैं, जिनपर बोधगया के महाबोधि मंदिर में धमाके में भी शामिल होने का आरोप है।