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Fire in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में हुए अग्निकांड में 21 लोगों ने अपनी जानें गवाई है। इनमें से 12 विदेशी और 9 भारतीय थे। होटल फ्लोरिश स्टे के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। उस पर आरोप है कि उसके पास सिर्फ 6 कमरों की परमिशन थी, लेकिन वह होटल में उससे चार गुना ज्यादा कमरे चला रहा था। इस बीच दिल्ली में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर लोग काफी डरे और चिंतित हैं। इसी माहौल के बीच सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले 6 सालों में दिल्ली में आग लगने के हादसों की वजह से 543 लोगों की जान जा चुकी है।
अभी हाल ही में विवेक विहार और पालम इलाकों में जो आग लगी थी, उनमें भी 9 लोगों की जान चली गई। दिल्ली सरकार के आंकड़ों को देखें, तो साल 2019 से लेकर मार्च 2026 तक आग लगने के हादसों में कुल 543 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, अकेले साल 2026 के शुरुआती लगभग छह महीनों में ही आग की घटनाओं की वजह से 65 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। पिछले कुछ सालों में दिल्ली फायर सर्विस के पास आने वाले आग के फोन की संख्या में भी काफी बड़ा उछाल आया है।
डीएफएस के आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में आग की घटनाओं में 84 लोगों, 2024-25 में 90 लोगों और 2023-24 में 77 लोगों की जान गई। वहीं, 2020-21 में 41 और 2021-22 में 55 मौतें दर्ज की गई थीं। हालांकि, 2022-23 में यह संख्या फिर बढ़कर 95 हो गई थी।
दिल्ली में आग से होने वाली मौतों की सबसे ज्यादा संख्या 2019-20 में दर्ज की गई थी। उसी साल अनाज मंडी अग्निकांड हुआ था, जिसमें 44 लोगों की मौत हुई थी। जानकारी के मुताबिक, यह 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड में हुई 59 मौतों के बाद दिल्ली की सबसे भीषण आग की घटनाओं में से एक थी।
आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से 2025 के बीच आग से जुड़ी घटनाओं में कुल 4,403 लोग घायल हुए। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि आग से जुड़ी आपात स्थितियों के संबंध में दिल्ली अग्निशमन सेवा को मिलने वाली सूचनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है। यह संख्या 2019-20 में 17,231 थी, जो बढ़कर पिछले साल में 20,379 हो गई।
Published on:
06 Jun 2026 12:47 pm
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