
Amarjeet Kaur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के विवादित बयान से सियासी माहौल गरमा गया है। दिल्ली की एक रैली में दिए गए बयान पर BJP ने तीखा पलटवार करते हुए उन पर ‘दिमागी नक्सली सोच’ रखने का आरोप लगाया और माफी की मांग की। हालांकि, अमरजीत कौर ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं।
यह पूरा मामला 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए पीएम मोदी के भाषण से जुड़ा है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने देश के लाखों युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा था कि 'हथियार बंद नक्सलवाद' से भी बड़ा खतरा आज 'दिमागी नक्सलवाद' का है और देश को इससे बचाना बेहद जरूरी है।
इसी टिप्पणी का हवाला देते हुए CPI की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने दिल्ली में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी कम्युनिस्टों और उनके लाल झंडे को देश के लिए खतरा बताते हैं। इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी को खुली चुनौती देते हुए विवादित टिप्पणी कर डाली।
अमरजीत कौर के इस बयान के सामने आते ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट साझा कर CPI पर निशाना साधा है। भंडारी ने अमरजीत कौर के बयान को 'दिमागी नक्सली सोच' बताते हुए कहा कि इसी तरह की मानसिकता के कारण भारत की जनता ने वामपंथी विचारधारा और CPM/CPI को नकार दिया है। बीजेपी ने मांग की है कि अमरजीत कौर को अपने इस अमर्यादित बयान के लिए तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए।
राजनीतिक घमासान और बीजेपी के चौतरफा हमले के बावजूद CPI नेता अमरजीत कौर ने अपने रुख पर टिकी हुई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने बयान के लिए किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगी। अमरजीत कौर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर देश के प्रधानमंत्री खुले मंच से यह कह सकते हैं कि कम्युनिस्टों को खत्म कर दो, तो फिर मैं अपनी बात क्यों नहीं रख सकती? मैं अपने दिए गए बयान पर पूरी तरह कायम हूं।