नई दिल्ली

दिल्ली में DDA का ‘मिशन मोड’ अभियान, 57 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा सिल्ट हटाई; डीसिल्टिंग में 70% की बढ़ोतरी

Delhi DDA News: मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए DDA ने मिशन मोड में डीसिल्टिंग अभियान चलाकर 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाई है। यह पिछले साल की तुलना में 70% अधिक है। साथ ही 24x7 फ्लड कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और मोबाइल पंपिंग यूनिट्स भी तैनात की गई हैं।
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DDA Desilting Drive
दिल्ली में DDA का 'मिशन मोड' अभियान, (फोटो सोर्स- ANI )

Delhi Waterlogging: मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने इस बार बड़े पैमाने पर डीसिल्टिंग (नालों से गाद हटाने) का अभियान चलाया है। उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू की निगरानी में चल रहे इस 'मिशन मोड' अभियान के तहत अब तक 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट हटाई जा चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 70 प्रतिशत अधिक है, जिससे राजधानी दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है।

तीन जोन में काम पूरा, बाकी अंतिम चरण में

डीडीए के अनुसार, पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी जोन में डीसिल्टिंग का काम पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका जोन में यह कार्य अंतिम चरण में है। बेहतर निगरानी और समय पर काम पूरा करने के लिए दिल्ली को छह ऑपरेशनल जोन में विभाजित किया गया था, जिससे हर क्षेत्र में अलग-अलग योजना बनाकर काम किया गया।

पिछले साल से 70% ज्यादा सिल्ट हटाई

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष प्री-मानसून अभियान के दौरान करीब 33,380 मीट्रिक टन सिल्ट हटाई गई थी। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 57,000 मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गया है। समय रहते नालों की सफाई होने से बारिश के पानी की निकासी क्षमता बढ़ेगी और जलभराव की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

24x7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की व्यवस्था

मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए डीडीए ने सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम के साथ सभी इंजीनियरिंग जोन में फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इसके अलावा 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की जा रही है ताकि जलभराव से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके। संवेदनशील इलाकों में मोबाइल पंपिंग यूनिट्स भी तैनात की गई हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर बारिश का जमा पानी तुरंत निकाला जा सके।

जलभराव रोकने के लिए अतिरिक्त इंतजाम

डीडीए ने नालों की सफाई के साथ-साथ जलभराव वाले इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, पंपिंग सिस्टम लगाने और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि इन तैयारियों से मानसून के दौरान जलभराव कम होगा, ट्रैफिक सुचारु रहेगा और लोगों को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

Updated on:
09 Jul 2026 06:36 pm
Published on:
09 Jul 2026 06:36 pm
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