
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना (फोटो-IANS)
Petrol Price: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल ने कहा कि जहां आम लोग 102 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं, वहीं तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का सीधा फायदा जनता तक पहुंचाए और देश में पेट्रोल की कीमत तुरंत घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर करे।
केजरीवाल ने कहा, "2014 से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम हो रही हैं। जब कच्चा तेल सस्ता हुआ है, तो भारत की आम जनता को इसका फायदा क्यों नहीं मिल रहा है? बताया जा रहा है कि सिर्फ पिछले साल ही देश की तेल कंपनियों को करीब 77,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। इसके बावजूद आम नागरिकों को 102 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है, जो बहुत ज्यादा है।"
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चूंकि कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं, इसलिए हमारे देश में भी पेट्रोल की कीमतें कम होनी चाहिए। हमारे हिसाब से भारत में पेट्रोल की कीमत लगभग 82 रुपये प्रति लीटर या उससे भी कम होनी चाहिए। 82 रुपये प्रति लीटर में शुद्ध पेट्रोल मिलना चाहिए, न कि E20 पेट्रोल। मैं बताता हूं कि हम इस आंकड़े तक कैसे पहुंचे। कच्चे तेल की मौजूदा कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल है, अगर इसे मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से रुपये में बदलें, तो कच्चे तेल की लागत लगभग 42 रुपये प्रति लीटर आती है।
केजरीवाल ने कहा कि इसके अलावा हमने बाकी सभी चार्ज वैसे ही रखे हैं, उनमें से किसी को भी कम नहीं किया है। इनमें रिफाइनिंग, OMC मार्जिन और ट्रांसपोर्ट का खर्च (9 रुपये प्रति लीटर), सेंट्रल टैक्स (12 रुपये प्रति लीटर), 25% का औसत राज्य VAT (16 रुपये प्रति लीटर) और डीलर कमीशन (3 रुपये प्रति लीटर) शामिल हैं। इन सबको जोड़ने पर शुद्ध पेट्रोल की कीमत लगभग 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए। अगर यह E20 पेट्रोल है, तो मेरा मानना है कि इसकी कीमत लगभग 70 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए, जबकि अभी यह लगभग 102 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह डीजल की कीमतें भी कम की जा सकती हैं। अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होती हैं, तो इससे महंगाई पर काफी हद तक लगाम लगेगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। चूंकि पेट्रोल और डीजल का सीधा असर ट्रांसपोर्ट के खर्च पर पड़ता है, इसलिए सस्ता ट्रांसपोर्ट होने से कई दूसरी चीजों की कीमतें भी कम हो जाएंगी।
Updated on:
09 Jul 2026 05:35 pm
Published on:
09 Jul 2026 04:39 pm
