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E20 Petrol: ई20 पेट्रोल पर छिड़ी बहस के बीच नितिन गडकरी ने कहा- नहीं खराब होता इंजन, माइलेज पर बताई पूरी सच्चाई

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि ई20 पेट्रोल से वाहनों का इंजन खराब नहीं होता। उन्होंने माना कि एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से कुछ मामलों में माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है।
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भारत

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Rakesh Mishra

Jul 09, 2026

Nitin Gadkari

नितिन गडकरी। फाइल फोटो- पत्रिका

नई दिल्ली। देश में इस वक्त ई20 पेट्रोल को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है। एक तरफ दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से ना सिर्फ गाड़ी का इंजन खराब हो रहा है, बल्कि माइलेज भी लगातार घट रहा है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार इन दावों का खारिज कर रहा है। इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का नया बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने ई20 पेट्रोल से गाड़ी का इंजन खराब होने की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

हालांकि नितिन गडकरी ने इस बात की जरूर स्वीकार किया है कि एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से माइलेज में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन इंजन को बिल्कुल भी नुकसान नहीं होता है। गाड़ी के माइलेज कम होने की बात पर भी उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि इसमें भी रोड, ट्रेफिक और गाड़ी चलाने के तरीके का बड़ा असर दिखता है। कई शहरों में भारी ट्रेफिक के चलते गाड़ियां रुक-रुककर चलती है, जो कि आपके माइलेज पर सीधा असर डालती हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों के कुछ छोटे पुर्जों पर मामूली असर की जानकारी मिली थी। इसे देखते हुए वाहन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमित सर्विस के दौरान ऐसे पुर्जे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदल दिए जाएं।

कई चरणों में की गई जांच

गडकरी ने कहा कि ई20 में 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल होता है। इसे पिछले साल पूरे देश में लागू किया गया था। इससे पहले पुणे स्थित वाहन अनुसंधान संस्था और वाहन बनाने वाली कंपनियों ने कई चरणों में इसकी जांच और परीक्षण किए थे। सभी मानकों पर सफल रहने के बाद ही इसे मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों के कुछ छोटे पुर्जों पर मामूली असर की जानकारी मिली थी। उनके अनुसार, उनकी जानकारी में ई20 पेट्रोल की वजह से किसी भी वाहन का इंजन खराब नहीं हुआ है।

ब्राजील में दिए अच्छे नतीजे

उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों में माइलेज की कोई समस्या सामने नहीं आई है। इसी वजह से सरकार इस तकनीक को तेजी से बढ़ावा दे रही है। आने वाले समय में टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई, टोयोटा किर्लोस्कर और मारुति सुजुकी समेत कई कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल बाजार में उतारेंगी। गडकरी ने कहा कि ब्राजील में साल 1970 से 27 फीसदी एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है और वहां इस तकनीक ने अच्छे नतीजे दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार लोगों को अलग-अलग कीमत पर अलग-अलग ईंधन का विकल्प देना चाहती है, ताकि पेट्रोल पर निर्भरता कम हो और लोगों का खर्च भी घटे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत कॉन्क्लेव' में नितिन गडकरी ने दावा किया था कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) से किसी वाहन को नुकसान हुआ है, तो लोग ऐसी सिर्फ एक कार का नाम बता दें। उन्होंने ई20 से माइलेज घटने या वाहनों को नुकसान पहुंचने जैसे दावों को पेड कैंपेन का हिस्सा करार दिया था। इस बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 पेट्रोल को पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया है।

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