नई दिल्ली

दिल्ली: ‘आप सरकार’ ने SC को बताया 8 महीने में खत्म हो जाएगी ट्रैफिक जाम की समस्या

दिल्ली सरकार ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में जहां भी अंडरपास और एफओबी की जरूरत है उस मामले में आठ महीने में संबंधित विभाग से मंजूरी लेकर उसके अगले साल में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

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Jul 20, 2018
दिल्ली: 'आप सरकार' ने SC को बताया 8 महीने में खत्म हो जाएगी ट्रैफिक जाम की समस्या

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की सरकार राजधानी दिल्ली में जहां पर भी अंडरपास और एफओबी की आवश्यकता है उसको 6 महीने के अंदर पूरा कर लेगी। ये बात देश के सर्वोच्च अदालत के सामने दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कही है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में जहां भी अंडरपास और एफओबी की जरूरत है उस मामले में आठ महीने में संबंधित विभाग से मंजूरी लेकर उसके अगले साल में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में हलफनामा दायर कर जानकारी दी।

SC में सरकार ने बताया ट्रैफिक जाम लगने के कारण

आपको बता दें कि ईपीसीए की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से हलफनामा दायर किया गया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा था कि दिल्ली में सड़कों पर जहां भी बोटलनेक बनता है उसकी विस्तार से रिपोर्ट दी जाए और उससे निपटने के लिए उपाय बताया जाए। इस पर सरकार ने बताया कि पूरी दिल्ली में ऐसे 77 जगहों की पहचान की गई है जहां पर ट्रैफिक कंजेशन ज्यादा है। सरकार ने कहा इसका मुख्य कारण है फूटपाथ-डिवाइडर पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग। इसके अलावे सरकार ने माना कि सड़कों पर कुछ लोग अनचाहे तरीके से चहलकदमी करते हैं या फिर नियम का पालन नहीं करते और गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं जिससे सड़कों पर जाम लग जाता है। सरकार ने यह भी कहा कि कई ऐसे स्थान हैं जहां पर सड़कों की चौड़ाई बेहद कम है, ऐसे में गाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई बार पेट्रोल पंप जाने वाले सड़क के आसपास गाड़ियों की पार्किंग गलत तरीके से होती है। सड़कों पर कई जगह पेड़ व टॉइलट बने हुए हैं। कई जगहों पर फुट ओवर ब्रिज और सबवे नहीं हैं। कई जगह पर यू टर्न व अंडरपास की कमी है। इसे ठीक करने के लिए लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म योजना की जरूरत है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने सर्वोच्च अदालत को बताया है कि सरकार ने बीते 11 जुलाई को यह फैसला लिया है कि एक हजार लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें लाई जाएंगी। इन बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग पाइंट भी बनाए जाने हैं और इसके लिए जगह की पहचान की गई है।

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Updated on:
20 Jul 2018 06:07 pm
Published on:
20 Jul 2018 04:36 pm
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