Delhi Budget 2026: दिल्ली विधानसभा में दूसरा बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का ऐलान किया है। इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और लाभार्थियों की पहचान के लिए विशेष जांच कमेटी भी बनाई गई है।
Delhi Budget 2026: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के अपने प्रमुख चुनावी वादे को पूरा करने का ठोस भरोसा दिया है। उन्होंने घोषणा की कि 'महिला समृद्धि योजना' के तहत दिल्ली की पात्र बहनों को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसके लिए बजट में 5100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई अस्थायी योजना नहीं है बल्कि इसे निरंतर चलाया जाएगा, और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन भी कर दिया गया है जो वर्तमान में सक्रियता से काम कर रही है।
महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण के क्षेत्र में सरकार ने अपना खजाना खोलते हुए कुल 7406 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर महिला उत्थान की योजनाओं पर खर्च होगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार जल्द ही एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने जा रही है, जिसके माध्यम से पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए घर बैठे आसानी से आवेदन कर सकेंगी। इस कदम का उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और सीधे जरूरतमंद महिलाओं के बैंक खातों तक सहायता पहुंचाना है, जिससे दिल्ली की लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
इस साल के बजट की सबसे अनूठी विशेषता इसका 'ग्रीन बजट' स्वरूप है, जिसमें मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को विकास का केंद्र बिंदु बनाया है। रेखा गुप्ता ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा विशेष रूप से 'ग्रीन बजट' के लिए आरक्षित किया गया है, ताकि दिल्ली की हर नीति और योजना को पर्यावरण के नजरिए से लागू किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का हर फैसला आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और दिल्ली के प्रदूषण मुक्त वातावरण को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिससे राजधानी को एक स्वच्छ और टिकाऊ वैश्विक शहर के रूप में विकसित किया जा सके।