नई दिल्ली

‘पीछा किया, सिर पर ईंट मारी’, CJP प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी पर हुआ था जानलेवा हमला, 9 दिन बाद बयां की आपबीती

Delhi Police CJP violence: दिल्ली में 20 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में घायल महिला कांस्टेबल विनीता ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि भीड़ ने ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े।
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CJP Protest Violence
सीजेपी आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई थी झड़प(Photo: IANS)

Delhi CJP Protest Cop Attack: दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में गंभीर रूप से घायल 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल विनीता को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी हैं। उन्होंने 9 दिन बाद उस भयावह घटना को याद करते हुए अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की। उनके सिर पर ईंट लगने से गंभीर चोट आई है और अब भी उनके सिर पर कई टांके लगे हुए हैं। फिलहाल विनीता घर पर रिकवर हो रही हैं और पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी पर लौटने का इंतजार कर रही हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने की थी जिम्मेदारी

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी कार्यालय की सोशल मीडिया सेल में तैनात कांस्टेबल विनीता को उस दिन जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर मेट्रो स्टेशन की ओर भेजना था, ताकि यातायात सामान्य हो सके।

विनीता के अनुसार, "शाम करीब पांच बजे तक लगा कि स्थिति नियंत्रण में आ गई है। प्रदर्शनकारी मेट्रो स्टेशन परिसर में जा चुके थे, इसलिए हमें लगा कि अब सब सामान्य हो जाएगा।"

'सिर्फ दो मिनट बाद अचानक हमला हो गया'

दिल्ली पुलिस की कांस्टेबल विनीता ने आगे बताया कि राहत की यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि अचानक कुछ लोग बैग में छिपाकर लाए गए ईंट-पत्थरों के साथ मेट्रो स्टेशन के पीछे से बाहर निकलने लगे और पुलिसकर्मियों पर हमला शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, "उग्र भीड़ को देखते हुए हम पीछे हटने लगे, लेकिन उन्होंने हमारा पीछा करना नहीं छोड़ा। मैं अपनी जान बचाने के लिए दौड़ रही थी। पीछे मुड़कर देखा ही था कि एक ईंट सीधे मेरे सिर पर आकर लगी।“

खून से भीग गया कपड़ा, मोबाइल नेटवर्क भी नहीं था- पीड़िता

ईंट लगने के बाद विनीता को शुरुआत में अपनी चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ। वह किसी तरह घटनास्थल से निकलकर पास के एक निजी कार्यालय के गेट तक पहुंचीं। वहां, मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उनकी मदद की और सिर पर कपड़ा बांधकर खून रोकने की कोशिश की। लेकिन खून इतना ज्यादा बह रहा था कि कुछ ही मिनटों में कपड़ा पूरी तरह भीग गया।

उन्होंने अपनी टीम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इलाके में सिग्नल जाम होने के कारण मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा था। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा गार्ड से किसी भी पुलिसकर्मी को बुलाने की गुहार लगाई।

साथी पुलिसकर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे

कुछ देर बाद उनके साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें खोज निकाला और एंबुलेंस से राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनके सिर के गहरे जख्म पर कई टांके लगाए।

'ड्यूटी पर लौटने का इंतजार है'

विनीता ने कहा कि उन्हें आज भी समझ नहीं आता कि वह उस दिन कैसे बचकर निकल सकीं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं उस दिन जिंदा कैसे बच गई। अब मैं पूरी तरह ठीक होने का इंतजार कर रही हूं ताकि फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट सकूं।"

भले ही विनीता के सिर पर गहरे जख्म के निशान सदा रहें, लेकिन उनका हौसला अब भी कायम है और वह जल्द से जल्द वर्दी पहनकर दिल्लीवासियों की सेवा करना चाहती हैं।

Updated on:
30 Jul 2026 03:40 pm
Published on:
30 Jul 2026 01:33 pm