
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा। फोटो- आईएएनएस
Harsh Malhotra: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज पर दिल्ली के मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के परिवार को जारी SIR नोटिस को लेकर गलत तरीके से सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि SIR की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी मतदाता का नाम सीधे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि SIR व्यवस्था के पहले चरण में उन मतदाताओं के नामों का मिलान किया जा रहा है, जिनका नाम 2002 की दिल्ली मतदाता सूची से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के परिवार के बारे में सभी जानते हैं कि वर्ष 2013 से पहले उनका परिवार गाजियाबाद जिले में मतदाता था। ऐसे में दिल्ली की 2002 की मतदाता सूची में उनका रिकॉर्ड मिलना संभव नहीं है। मल्होत्रा ने सौरभ भारद्वाज की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अंदाज में सवाल उठाया कि अगर तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल के वोट पर सवाल खड़ा हो रहा है तो आम आदमी का क्या होगा।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारद्वाज को यह समझना चाहिए कि SIR के तहत प्रक्रिया किसी व्यक्ति के पद या पहचान के आधार पर अलग नहीं होती। चाहे वह अरविंद केजरीवाल हों या कोई सामान्य नागरिक। दिल्ली में SIR के तहत मैपिंग तभी संभव होगी, जब संबंधित व्यक्ति वर्ष 2002 में दिल्ली का मतदाता रहा हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नए मतदाता के तौर पर नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया फिलहाल खुली हुई है। यदि अरविंद केजरीवाल के परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को दिल्ली में अपना वोट दर्ज कराना है तो वह इसके लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि पहले उस जगह की मतदाता सूची से नाम हटवाया जाए, जहां संबंधित व्यक्ति पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत है।
मल्होत्रा ने कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति एक से अधिक जगह पर मतदाता के तौर पर अपना नाम दर्ज नहीं करा सकता। इसलिए यदि किसी व्यक्ति का नाम पहले से किसी दूसरे स्थान की मतदाता सूची में दर्ज है और वह दिल्ली में मतदाता बनना चाहता है तो उसे पहले पुराने स्थान से अपना नाम हटवाना होगा। इसी बीच चुनाव आयोग ने भी दिल्ली के मतदाताओं को SIR से जुड़े नोटिस जारी किए जाने को लेकर सोशल मीडिया में सामने आ रही गलत जानकारी पर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा कि कुछ श्रेणियों के मतदाताओं को ECINET में उनके आंकड़ों को दुरुस्त करने के लिए सिस्टम के जरिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता सूची से नाम हटाया जाना नहीं है।
Updated on:
20 Sept 2026 09:06 pm
Published on:
20 Sept 2026 08:43 pm
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