20 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बंजारा आरक्षण आंदोलन : धर्मगुरु बाबूसिंग की मध्यस्थता से टूटा अनशन, CM देवेंद्र फडणवीस ने दिया समाधान का भरोसा

Banjara Reservation: पोहरादेवी में बंजारा समाज को एसटी आरक्षण देने की मांग को लेकर आठ दिन से अनशन कर रहे सात युवाओं ने हंगर स्ट्राइक को खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 15 दिनों में बैठक के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया।
2 min read
Google source verification
Banjara Reservation

अनशन तुड़वाते बंजारा धर्मगुरु बाबूसिंग। फोटो- आईएएनएस

ST Reservation: महाराष्ट्र में बंजारा समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में आरक्षण देने की मांग को लेकर पोहरादेवी में आठ दिन से अनशन पर बैठे सात युवाओं ने अपनी हंगर स्ट्राइक को खत्म कर दिया है। बंजारा धर्मगुरु एवं विधायक बाबूसिंग की मध्यस्थता के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 15 दिनों के भीतर बैठक का आश्वासन मिलने पर आंदोलनकारियों ने अनशन समाप्त किया। आंदोलनकारियों ने सरकार से आरक्षण को लेकर गठित समिति की कार्रवाई सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही सकारात्मक चर्चा नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन

धर्मगुरु एवं विधायक बाबूसिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 31 दिसंबर 2026 तक बंजारा समाज के आरक्षण के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय में सकारात्मक परिणाम लाने की पूरी कोशिश करेगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार को अब आश्वासन के बजाय आरक्षण के मुद्दे पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, बंजारा समाज को एसटी आरक्षण देने की मांग को लेकर जिंतूर में पिछले 14 दिनों से जारी आंदोलन के बीच विरोध का स्वर और तेज हो गया।

तहसीलदार प्रशांत राखे को ज्ञापन सौंपा

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के कथित ढुलमुल रवैये के खिलाफ रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। यह रैली स्वर्गीय वसंतराव नाइक की प्रतिमा स्थल से शुरू हुई और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। यहां बंजारा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार प्रशांत राखे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बंजारा समाज ने एसटी आरक्षण की मांग पर तत्काल प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकार की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इसके साथ ही 5 सितंबर से अनशन पर बैठे विनोद आडे के स्वास्थ्य और उनकी मांग की गंभीरता को देखते हुए सरकार से तत्काल संवाद शुरू करने की मांग की गई।

उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की भी मांग

समाज ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बंजारा समाज के प्रतिनिधियों, आंदोलन के पदाधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की भी मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को सभी पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन में आंदोलनकारियों विनोद राठौड़, विजय आढे और विशाल चव्हाण सहित अन्य लोगों पर दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग