
जया बच्चन की फोटोज। (फोटो सोर्स: IMDb)
Jaya Bachchan: जया बच्चन ने एक बार बॉलीवुड में उम्रदराज महिलाओं के लिए मौकों के बारे में खुलकर बात की थी। दिग्गज एक्ट्रेस ने करण जौहर के मशहूर चैट शो 'कॉफी विद करण' में इस मुद्दे पर चर्चा की थी। बातचीत इस बात पर आधारित थी कि क्या उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं को अहम रोल मिलते रहते हैं। जया बच्चन ने माना कि उम्र का असर इस बात पर पड़ सकता है कि एक्टर्स को किस तरह के रोल ऑफर किए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें जरूरी नहीं कि लंबा रोल ही मिले। उनके लिए, किरदार का कोई मतलब होना चाहिए और कहानी में उसका योगदान होना चाहिए।
बातचीत के दौरान, करण जौहर ने हॉलीवुड में उम्रदराज एक्ट्रेस के लिए उपलब्ध मौकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हॉलीवुड में महिलाओं को अभी भी रोल ऑफर किए जाते हैं।" जया बच्चन ने उम्र बढ़ने की सच्चाई को मानते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि जरूरी बात यह है कि मैं इस सच्चाई को स्वीकार करती हूं कि हम काफी उम्रदराज हो चुके हैं।"
इसके बाद एक्ट्रेस ने बताया कि वो किसी रोल को स्क्रीन टाइम के आधार पर क्यों नहीं आंकतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटे से रोल में भी इतना दम होना चाहिए कि वो सार्थक लगे।
इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "हां। तो जाहिर है, शायद उम्रदराज लोगों के पास जिंदगी में करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं होता। मुझे नहीं पता। मेरा मतलब है, मुझे लगता है कि हम असल में अपने बच्चों से कहीं ज्यादा काम कर रहे हैं। भले ही रोल छोटा हो, उसमें कुछ तो होना चाहिए। एक किरदार होना चाहिए। कुछ गहराई होनी चाहिए।"
इसके बाद करण जौहर ने कहा कि कहानी में किसी भी किरदार के होने की कोई वजह होनी चाहिए। जया बच्चन ने भी इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि उन्हें छोटा रोल करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन किरदार का कहानी में कुछ योगदान जरूर होना चाहिए।
जया बच्चन ने बंगाली सिनेमा से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। वो 1963 में सत्यजीत रे की फिल्म 'महानगर' में एक टीनएजर के तौर पर नजर आई थीं। एक एडल्ट के तौर पर उनकी हिंदी फिल्म में एंट्री कई साल बाद हुई थी। उन्होंने 1971 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'गुड्डी' में काम किया।
1970 और 1980 के दशक की शुरुआत में जया बच्चन कई यादगार फिल्मों में नजर आईं। 'सिलसिला' के बाद, जया बच्चन ने एक्टिंग से लंबा ब्रेक लिया। 1973 में अमिताभ बच्चन से शादी के बाद उन्होंने 17 साल तक फिल्मों से दूरी बनाए रखी। 1998 में गोविंद निहलानी की फिल्म 'हजार चौरासी की मां' से उन्होंने बड़े पर्दे पर वापसी की। साल 2023 में जया बच्चन रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में नजर आईं थीं।
Updated on:
20 Sept 2026 06:09 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:09 pm
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