नई दिल्ली

दिल्ली सरकार के यू-टर्न से छात्रों को मिली बड़ी राहत, अब 9वीं में R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं बोर्ड परीक्षा

Delhi Government Education Latest News: दिल्ली सरकार ने 9वीं में तीसरी भाषा R3 में फेल छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब R3 में फेल होने के बावजूद छात्र 10वीं की CBSE बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। इस मामले में अब CBSE के नियम लागू होंगे।
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Delhi Class 9 Students
दिल्ली में 9वीं के स्टूडेंट्स को राहत, R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं की CBSE बोर्ड परीक्षा। (फोटो सोर्स-IANS)

Class 9 Third Language Rule:दिल्ली के 9वीं कक्षा के छात्रों और उनके माता-पिता के लिए राहत की खबर है। 9वीं में तीसरी भाषा यानी R3 में फेल होने के बावजूद अब छात्र 10वीं की CBSE बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। दिल्ली सरकार ने R3 को लेकर बनाया गया वह नियम वापस ले लिया है, जिसमें तीसरी भाषा में पास नहीं होने वाले छात्रों को 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने से रोकने की बात कही गई थी।

शिक्षा निदेशालय ने नया आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि R3 को लेकर अब CBSE के नियम ही माने जाएंगे। यानी तीसरी भाषा पढ़ना जरूरी होगा, लेकिन इसमें फेल होने की वजह से छात्र को 10वीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा।

क्यों हुआ था पूरा विवाद?

दरअसल, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने 17 अगस्त को 9वीं की परीक्षा और छात्रों को अगली कक्षा में भेजने से जुड़ा नया नियम जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अगर कोई छात्र बाकी जरूरी विषयों में पास होकर 10वीं में पहुंच जाता है, लेकिन तीसरी भाषा R3 में पास नहीं है, तो उसे पहले R3 पास करना होगा। जब तक वह R3 में क्वालिफाई नहीं करता, तब तक 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए योग्य नहीं माना जाएगा।

इस नियम के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी। इसकी वजह यह थी कि CBSE के नियम कुछ अलग थे। ऐसे में दिल्ली सरकार के आदेश और CBSE की गाइडलाइन के बीच अंतर को लेकर असमंजस पैदा हो गया था।

अब क्या बदला?

दिल्ली सरकार ने अब R3 से जुड़ी यह अतिरिक्त शर्त हटा दी है। यानी 9वीं में R3 में फेल होने पर छात्र को 10वीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं रोका जाएगा।

CBSE के नियमों के मुताबिक R3 का मूल्यांकन स्कूल में ही इंटरनल असेसमेंट के जरिए किया जाएगा। 10वीं में R3 के लिए अलग से कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।

हालांकि R3 के अंक छात्र के अंतिम CBSE सर्टिफिकेट में दर्ज किए जाएंगे। लेकिन इन अंकों का 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने की पात्रता से कोई लेना-देना नहीं होगा।

सीधे शब्दों में कहें तो तीसरी भाषा पढ़नी जरूरी है, उसका मूल्यांकन भी होगा, लेकिन उसमें फेल होने से 10वीं बोर्ड परीक्षा का रास्ता बंद नहीं होगा।

तीन भाषाएं पढ़ना फिर भी जरूरी

नए नियम में तीसरी भाषा को खत्म नहीं किया गया है। 9वीं और 10वीं के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए बनाए गए नए पाठ्यक्रम से जुड़ी है।

9वीं के छात्रों के लिए और क्या बदला?

दिल्ली सरकार ने 2026-27 के सत्र से 9वीं की परीक्षा और प्रमोशन व्यवस्था में कुछ और बदलाव भी किए हैं। अब भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा को छात्रों के प्रमोशन के लिए अहम माना जाएगा।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत R3 को लेकर है। अब केवल तीसरी भाषा में फेल होने की वजह से किसी छात्र की 10वीं बोर्ड परीक्षा पर रोक नहीं लगेगी। दिल्ली सरकार के इस फैसले से उन छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी, जो पिछले आदेश के बाद परेशान थे।

Updated on:
20 Aug 2026 03:09 pm
Published on:
20 Aug 2026 03:09 pm