Delhi Congress Appointments: दिल्ली कांग्रेस ने 'संगठन सृजन अभियान' के तहत 14 नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है। AICC ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट और वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद इन नामों को कांग्रेस अध्यक्ष ने मंजूरी दी है।
Delhi Congress New District Presidents:दिल्ली नगर निगम और आने वाले चुनावों की तैयारियों के बीच दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। उपाध्यक्षों और महासचिवों की नियुक्ति के बाद, अब कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली और अरुणाचल प्रदेश के लिए डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटियों (DCC) के अध्यक्षों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दिल्ली के सभी 14 जिलों में नए अध्यक्षों की तैनाती कर दी गई है।
पार्टी के अनुसार, ये नियुक्तियां 'संगठन सृजन अभियान' के तहत की गई हैं। इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जमीनी फीडबैक पर आधारित रखने के लिए हर जिले में AICC ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए गए थे। इन ऑब्जर्वर्स ने स्थानीय कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तार से चर्चा की और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
हाईकमान ने सीधे नाम थोपने के बजाय एक लंबी चयन प्रक्रिया अपनाई। रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ नेताओं और ऑब्जर्वर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें हुईं। गहन समीक्षा के बाद उन्हीं नामों पर मुहर लगाई गई, जो पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस का मानना है कि ये नए जिलाध्यक्ष संगठन में नई ऊर्जा फूंकेंगे।
नई सूची में कई नए चेहरों को जिला कांग्रेस कमेटियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई दिल्ली जिले की कमान मोहिंदर मंगला को दी गई है, जबकि रोहिणी से इंद्रजीत सिंह और किरारी से वरुण ढाका को डीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। तिलक नगर में अमनदीप सिंह सूदन को जिम्मेदारी मिली है। वहीं, नजफगढ़ से राजेश यादव, महरौली से वीरेंद्र शर्मा और बदरपुर से हर्ष चौधरी को भी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। आदर्श नगर जिले की जिम्मेदारी सिद्धार्थ राव को सौंपी है, जबकि चांदनी चौक से मोहम्मद उस्मान को डीसीसी अध्यक्ष बनाया गया है। करावल नगर में मंगेश त्यागी और बाबरपुर में राज कुमार जैन को संगठन की कमान दी गई है। वहीं पटपड़गंज से विजेंद्र चौधरी, कृष्णा नगर से सुमित शर्मा और करोल बाग जिले से महेंद्र भास्कर को जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पार्टी को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से दिल्ली में कांग्रेस का खोया हुआ जनाधार वापस पाने में मदद मिलेगी और संगठन ब्लॉक स्तर तक और अधिक सक्रिय होगा।