नई दिल्ली

दिल्ली: बैंक से 270 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर इंग्लैंड भागने के फिराक में थे बाप-बेटे, गिरफ्तार

बैंक से 120 करोड़ रुपए धोखाधड़ी करने के आरोप में बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है।

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Sep 02, 2018
दिल्ली: बैंक से 120 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर इंग्लैंड भागने के फिराक में थे बाप-बेटे, गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बैंक से एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। धोखाधड़ी करने का यह आरोप एक बाप-बेटे पर लगा है। बताया जा रहा है कि ये दोनों ब्रिटिश नागरिक हैं। इस मामले में बैंक की ओर से आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) में एफआईआर दर्ज कराया गया है। बता दें कि बाप-बेटे पर आरोप है कि दोनों ने मिलकर बैंक के 270 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। ईओडब्लू ने एडिशनल पुलिस कमीश्नर शुभाशीष चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की पूरी जांच की जा रही है।

इंग्लैंड भागने की तैयारी में थे आरोपी

आपको बता दें कि पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान राश पाल सिंह टोड और मनधीर सिंह टोड के रूप में की है। ये दोनों बाप-बेटे हैं। पुलिस ने बताया कि जेनिका कार्स इंडिया, जेनिका परफॉर्मेंस कार्स प्राइवेट लिमिटेड, इन कंपनियों के डायरेक्टर हैं। पुलिस ने मामला दर्ज करते इनके साथ-साथ ग्रुप के फाइनैंस हेड वैभव शर्मा का नाम भी शामुल किया है। बीते महीने 29 अगस्त को एचडीएफसी बैंक के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट संजय शर्मा की ओर ईओडब्लू में मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज करने के फौरन बाद ही तफ्तीश शुरू की। जिसके बाद 30 अगस्त की देर रात करीब एक बजे दोनों आरोपियों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों इंग्लैंड भागने के फिराक में थे। इधर अपने बयान में बैंक अधिकारी शर्मा ने पुलिस को बताया था कि दोनों आरोपी गुरुग्राम में महंगी गाड़ी खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया था। लोन लेने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। जब बैंक अधिकारी ने दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि दस्तावेज फर्जी हैं। जिसके बाद इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। इधर पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतने बड़े रकम की धोखाधड़ी में कोई बैंक अधिकारी भी तो शामिल नहीं था। फिलहाल दोनों आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर पुलिस लेकर उनसे पूछताछ कर रही है और तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।

विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

बता दें कि बैंक की ओर से किए गए शिकायत में कहा गया है कि गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 में दोनों आरोपी रहते हैं और इस वर्ष मार्च में नई कारों, डेमो कारों और यूज्ड कारों व स्पेयर पार्ट्स की खरीदारी के लिए एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक, जम्मू ऐंड कश्मीर बैंक और फॉक्सवैगन फाइनैंस के कंसोर्शियम से 270 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसमें से अकेले ही एचडीएफसी बैंक से वह120 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इधर एक अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों के खिलाफ 406 (आपराधिक विश्वासभंजन), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज बनाना) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है।

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Updated on:
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Published on:
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