
Delhi government NEET protest relief: नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और नागरिकों के लिए दिल्ली सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में NEET विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ अब कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर लागू नहीं होगी।
बता दे कि दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित NEET विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस द्वारा कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे। सरकार के इस फैसले के बाद इन मुकदमों का सामना कर रहे निर्दोष छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाएगा।
गृह विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली के अंतर्गत आने वाले किसी भी पुलिस प्राधिकरण द्वारा इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत यह राहत उन व्यक्तियों को नहीं मिलेगी जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है। सरकार के इस कदम से प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों और युवाओं को बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने CJP/NEET प्रदर्शन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ केवल विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर आपराधिक मुकदमे जारी नहीं रखे जा सकते। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जिनके खिलाफ केवल प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप हैं, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को बंद करने पर विचार किया जाए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों पर हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने या अन्य गंभीर आपराधिक कृत्यों के आरोप हैं अथवा जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।