14 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा ने खुद आजमाया भारतीय पेमेंट सिस्टम, पीएम मोदी से की तारीफ

BRICS Summit: दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भारत के पेमेंट सिस्टम की तारीफ की। दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान किताबें खरीदकर कार्ड से पेमेंट करने का अपना अनुभव उन्होंने पीएम मोदी के साथ साझा किया।
2 min read
Google source verification
Indian Payment System, Digital Payment India

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (फोटो सोर्स- ANI)

South Africa President: BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भारतीय पेमेंट सिस्टम से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में किताबें खरीदी और अपने कार्ड से भुगतान किया। खास बात यह रही कि उन्होंने भारतीय रुपये में पेमेंट किया, जबकि लेन-देन दक्षिण अफ्रीकी रैंड में सेटल हुआ। रामाफोसा ने इसे अपने लिए शानदार अनुभव बताया और स्थानीय मुद्राओं में भुगतान व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

दिल्ली में खरीदी किताबें, कार्ड से आसानी से हुआ पेमेंट

राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नई दिल्ली प्रवास के दौरान एक दुकान से अपने कार्ड के जरिए कुछ किताबें खरीदीं। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने भुगतान भारतीय रुपये (INR) में किया, जो बिना किसी परेशानी के सीधे दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा 'रैंड' (ZAR) में सेटल हो गया। रामाफोसा ने कहा कि मैंने इस सिस्टम को खुद इस्तेमाल करके देखा है। पेमेंट एकदम आसानी से हो गया। इससे साफ है कि हमारी स्थानीय करेंसी में लेन-देन का तरीका बहुत अच्छे से काम कर सकता है।

स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने पर जोर

ब्रिक्स मंच से रामाफोसा ने दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच चल रही बातचीत का हवाला दिया और कहा कि स्थानीय मुद्रा में व्यापार से आपसी लेन-देन तेज, आसान और पारदर्शी बनेगा। उन्होंने साफ किया कि यह पहल किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्रा या भुगतान प्रणाली के खिलाफ नहीं है, बल्कि इससे देशों के बीच सामान खरीदना और बेचना ज्यादा आसान, सस्ता और सुरक्षित हो जाएगा।

नई दिल्ली घोषणा पत्र में भी गूंजा मुद्दा

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के 'नई दिल्ली घोषणा पत्र' में भी सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल और क्रॉस-बॉर्डर (सीमा पार) पेमेंट मैसेजिंग सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया गया। ब्रिक्स पेमेंट टास्क फोर्स इस दिशा में काम कर रही है ताकि आने वाले समय में सदस्य देश अपनी प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आपस में कारोबार कर सकें।

भारत की मेजबानी की जमकर तारीफ

सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने भारत के इंतजामों की भी खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा सम्मेलन बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित करना बहुत मुश्किल काम होता है, लेकिन भारत ने इसे बेहद शानदार तरीके से संभाला और सभी देशों को एक साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने इस सफल आयोजन और नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सभी की सहमति बनाने के लिए भारत को बधाई दी।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग