
Swatantra Bhardwaj FIR : स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर पटियाला हाउस कोर्ट में बड़ा फैसला, दो FIR ने बढ़ाई कानूनी पेचीदगी (फोटो सोर्स: ANI)
Swatantra Bhardwaj Case: स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामला और पेचीदा होता नजर आया। अदालत को बताया गया कि भारद्वाज के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज हैं, जिनमें एक अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़ी है, जबकि दूसरी में POCSO की धाराएं लगाई गई हैं। इसी बीच बचाव पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता पर ही भारद्वाज पर हमला करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो को अहम साक्ष्य बताया।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर चल रही कार्यवाही को इन-कैमरा यानी बंद कमरे में कराने का फैसला किया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए।
Bar and Bench के X पर अपडेट के अनुसार, अदालत को जानकारी दी गई कि भारद्वाज के खिलाफ कुल दो प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें एक मामला SC/ST Act के तहत दर्ज आरोपों से संबंधित है, जबकि दूसरी FIR में POCSO Act के तहत अपराध का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अदालत को यह भी बताया गया कि फिलहाल भारद्वाज की गिरफ्तारी SC/ST कानून से संबंधित FIR में ही हुई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से पेश हुए अधिवक्ता उमेश शर्मा ने मामले की घटनाओं का दूसरा पक्ष अदालत के सामने रखने की कोशिश की। उनका दावा था कि CJP प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर खुद भारद्वाज पर हमला किया था। वकील के मुताबिक, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और उसे मामले की जांच में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बचाव पक्ष ने अदालत के सामने यह सवाल भी उठाया कि यदि वीडियो में घटना स्पष्ट दिखाई देती है तो पुलिस की जांच में उसका पर्याप्त संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। अधिवक्ता ने दावा किया कि फुटेज में शिकायतकर्ता द्वारा भारद्वाज पर हमला किए जाने और उनके गिरने की घटना दिखाई देती है।
शर्मा ने अदालत को घटनाक्रम की समयरेखा भी बताई।
23 जून: भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
27 जून: पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया।
29 जून: भारद्वाज पूछताछ में शामिल हुए और बचाव पक्ष के मुताबिक पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया था।
4 सितंबर: परिस्थितियों में बदलाव के बाद भारद्वाज की गिरफ्तारी हुई।
वकील ने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद POCSO से संबंधित एक नई FIR दर्ज की गई। इस क्रम को जमानत की सुनवाई में बचाव पक्ष ने महत्वपूर्ण तथ्य के तौर पर पेश किया।
मामले में अब अदालत के सामने मुख्य चुनौती आरोपों, दोनों FIR की परिस्थितियों और जांच में सामने आए साक्ष्यों को कानूनी कसौटी पर परखने की है। फिलहाल जमानत पर अंतिम फैसला अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
Updated on:
14 Sept 2026 02:38 pm
Published on:
14 Sept 2026 02:18 pm
