दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को साधा केंद्र सरकार पर निशाना। कहा, केंद्र सरकार के समय पर हस्तक्षेप से दिल्ली में प्रदूषण ( delhi air pollution ) में कमी हो सकती है। दीवाली पर पटाखे फोड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध को राय ने बेहद आवश्यक बताया।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार बिगड़ती जा रही हवा की गुणवत्ता को लेकर मंगलवार को दिल्ली सरकार ने केंद्र पर निशाना साधा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली केंद्र सरकार द्वारा समय पर हस्तक्षेप में की गई लापरवाही की कीमत चुका रही है। अगर पंजाब और हरियाणा में खेतों में पराली जलाने के मुद्दे पर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो शहर में प्रदूषण ( delhi air pollution ) का स्तर कम होता।
मीडिया एजेंसी एएनआई से बातचीत में गोपाल राय ने कहा, "अगर केंद्र द्वारा समय पर हस्तक्षेप किया गया होता और उन्होंने बायो डीकंपोजर्स के हमारे प्रस्ताव को सुन लिया होता जो दिल्ली में 90 फीसदी पराली को खत्म करने में सफल रहा है, तो शायद पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से होने वाले 35-45 फीसदी प्रदूषण से दिल्ली को बचाया जा सकता था।"
शहर में चल रहे त्योहारों के दौरान पटाखे फोड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध को सही ठहराते हुए दिल्ली के मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान बढ़ते प्रदूषण के बीच प्रतिबंध आवश्यक था।
उन्होंने कहा, "प्रदूषण में वृद्धि लोगों के श्वसन को प्रभावित कर रही है। इसके मद्देनजर दिल्ली सरकार ने पटाखे पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया क्योंकि लोग बाहर से आने वाले प्रदूषण के बारे में कुछ नहीं कर सकते।"
बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण कोविड-19 महामारी को बिगड़ने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने 7 से 30 नवंबर तक सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। सोमवार को राय ने कहा था कि यदि कोई दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उल्लंघनकर्ता को एयर एक्ट के तहत दंडित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली सरकार वाहनों से विषैले उत्सर्जन की जांच करने और वाहनों के प्रदूषण से निपटने के लिए 'रेड लाइट अभियान' चला रही है।
गौरतलब है कि एयर एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर में अभियोग चलाने की भी व्यवस्था है और मजिस्ट्रेट को आरोपी के ऊपर आर्थिक दंड लगाने के साथ-साथ सजा देने का भी प्रावधान किया गया है।
वहीं, बढ़ते प्रदूषण को कम करने के मकसद से राय ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ एक बैठक की और बाद में धूल से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सड़क पर किए जा रहे जल छिड़काव का भी निरीक्षण किया।