
दिल्ली के एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
Jabalpur Cruise Accident News:मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ क्रूज हादसा अब और भी हृदयविदारक होता जा रहा है। इस दर्दनाक घटना में अब तक कुल 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 अन्य लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस हादसे ने दिल्ली के एक हंसते-खेलते परिवार को उम्र भर का गम दे दिया है।
दिल्ली छावनी (Delhi Cantt) इलाके में रहने वाला मैसी परिवार एक रिश्तेदार के गृहप्रवेश समारोह में शामिल होने मध्य प्रदेश गया था। समारोह के बाद, शुक्रवार को दिल्ली लौटने से पहले परिवार ने जबलपुर घूमने का मन बनाया। गुरुवार शाम को वे मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज बोट पर सवार हुए, जिसमें कुल 40 यात्री मौजूद थे। इसी दौरान अचानक बिगड़े मौसम और तेज लहरों के कारण क्रूज बेकाबू होकर पलट गया।
मृतक मरीना के भाई कुलदीप मोहने ने बताया कि हादसा उस वक्त हुआ जब मरीना वीडियो कॉल के जरिए दिल्ली में अपने परिवार को नर्मदा नदी का नजारा दिखा रही थी। अचानक मौसम बदला और कॉल पर मरीना की चीखें गूंजने लगीं- वह बार-बार 'मुझे बचाओ… मुझे बचाओ…' चिल्ला रही थी और फिर संपर्क टूट गया। इस हादसे में मरीना (39), उनका 4 साल का बेटा त्रिशान और उनकी मां मधुर मैसी (62) की जान चली गई। मरीना के पति प्रदीप, उनकी 14 वर्षीय बेटी और ससुर को बचा लिया गया।
जब क्रूज डूबने लगा, तो अफरा-तफरी मच गई। मरीना के पति प्रदीप ने हिम्मत दिखाते हुए लाइफ जैकेट के पैकेट खोले और अन्य यात्रियों में बांटना शुरू कर दिया। तैरना जानने के कारण उन्होंने खुद को और अपनी बेटी को बचा लिया, लेकिन क्रूज के नीचे फंसे बाकी सदस्यों को नहीं निकाल पाए। शोर सुनकर पास के गांवों के लोग रस्सियों और बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और कई लोगों को डूबने से बचाया।
हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने पर्यटन विभाग और अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रदीप मोहन का कहना है कि इलाके में 'येलो वेदर अलर्ट' होने के बावजूद उन्हें कोई चेतावनी नहीं दी गई। यदि समय रहते खराब मौसम की जानकारी दी जाती, तो वे क्रूज पर सवार ही नहीं होते। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि इतने बड़े पर्यटन स्थल पर कोई स्थायी बचाव दल (Rescue Team) मौके पर तैनात क्यों नहीं था।
Published on:
02 May 2026 05:42 pm
