देश में 40 Kmph की स्पीड पर भी हो रहे चालान, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ले सकते हैं बड़ा फैसला

  • केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा स्पीड लिमिट ( Speed Limit ) बढ़ाना संभव।
  • 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा का उल्लंघन करने पर जुर्माने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण।
  • दुनिया भर में वाहन की सबसे धीमी औसत गति भारत में है।

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में कई लेन वाली सड़कों पर आश्चर्यजनक रूप से कम गति सीमाओं (स्लो स्पीड लिमिट) की आलोचना की है। गडकरी ने पिछले हफ्ते एक सड़क सुरक्षा वर्चुअल कॉन्फ्रेंस वे टू जीरो में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है जब ऐसी सड़कों पर वाहन चलाने वालों को महज 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा ( Speed Limit ) का उल्लंघन करने के लिए दंडित किया जाता है।

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केंद्रीय मंत्री खासकर कई लेन वाली सड़कों पर स्पीड लिमिट को बढ़ाने के समर्थन में दृढ़ता से सामने आए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सड़क प्रशासन से रफ्तार में चलने वाले वाहनों को दंडित किए जाने में नरमी बतने को कहा।

गडकरी ने कहा कि वाहनों की स्पीड लिमिट को रेगुलेट करने के नियमों पर, विशेष रूप से कई लेन वाली सड़कों पर, फिर से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं अपने अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुका हूं। हमें एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड हाईवे सहित चार और छह लेन तक चौड़ी सड़कों सहित नई सड़कों पर स्पीड लिमिट में संशोधन पर विचार की आवश्यकता है।"

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भारतीय सड़कों की स्थिति और बढ़ती दुर्घटनाओं की संख्या पर विस्तृत रूप से बोलते हुए गडकरी ने स्वीकार किया कि भारत में उच्च दुर्घटना दर के पीछे एक कारण सड़क इंजीनियरिंग और सड़क डिजाइन है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने ऐसे ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की है और सड़क की स्थिति में सुधार के लिए एक हजार ऐसे स्थानों को हटा दिया है। गडकरी ने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र राज्य सरकारों को राज्य राजमार्गों को विकसित करने और बनाए रखने में मदद करेगा।

दरअसल, भारतीय सड़कों पर औसत गति (एवरेज स्पीड) दुनिया भर में सबसे धीमी है। विभिन्न अमरीकी विश्वविद्यालयों के एक पैनल द्वारा प्रकाशित अध्ययन मोबिलिटी एंड कंजेशन इन अर्बन इंडिया के अनुसार, भारतीय सड़कों पर वाहनों की औसत गति 35 किमी प्रति घंटे से कम थी। अध्ययन पूरे भारत के 154 शहरों पर आधारित था।

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2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद में 10 किलोमीटर की दूरी पार करने में औसतन 26 मिनट लगते है। चेन्नई और दिल्ली में 29 मिनट लगते हैं, जबकि वही दूरी बेंगलुरु में 34 मिनट, मुंबई में 37 और कोलकाता में 39 मिनट लगते हैं। विश्व बैंक के अध्ययन के मुताबिक औसतन 10 किलोमीटर के शहरी आवागमन में 24 मिनट लगते हैं, जिसकी गणना 154 भारतीय शहरों में की जाती है। सिंगापुर और लंदन में 10 किमी के आवागमन में औसतन 21 मिनट लगते हैं।

अधिकांश भारतीय शहर की सड़कों पर, वाहनों की स्पीड लिमिट लगभग 50 किमी प्रति घंटा है। केवल राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर है स्पीड लिमिट 100 के आंकड़े पर पहुंचती है।

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जैसे दिल्ली और आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटे है। दिल्ली के आसपास बने एक हाई-स्पीड बाईपास कॉरिडोर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की गति सीमा 120 किमी प्रति घंटे है। हालांकि, भारत के कुछ राजमार्ग ऐसे खंड में हैं जो राज्य प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं और वे अपनी पसंद की गति सीमा तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।

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अमित कुमार बाजपेयी
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