
Delhi Police Lathicharge: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अचानक माहौल बेहद खराब हो गया। LIC बिल्डिंग के पास दोपहर करीब 1:30 बजे प्रदर्शन कर रहे लोग उग्र हो गए। जिसके बाद उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और वहां खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ कर ड़ाली। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
इस भारी तनाव के बीच आज दोपहर 3:30 बजे सरकार और आंदोलनकारी दल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तीसरे दौर की बड़ी बैठक होने जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार से बातचीत का कोई मतलब नहीं है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार इस्तीफे की मांग पर अपना अंतिम रुख साफ कर सकती है।
हिंसा भड़कने से पहले दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाले खुलासे किए। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि माहौल खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार फेक न्यूज (अफवाहें) फैलाई जा रही हैं। से रोकने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 400 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद करवा दिया है।
डीसीपी ने यह भी बताया कि इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी ठीक इसी तरह के फेक अकाउंट्स एक्टिव हुए थे। पुलिस सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी महिला की मौत होने की खबर पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत है। जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
NEET पेपर लीक विवाद के बीच देश की राजनीति से एक बड़ी खबर आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पत्र शेयर कर खुद इस बात की जानकारी दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन की अगुवाई कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर इसे 'कॉकरोच की जीत' करार दिया है। पार्टी इसे अपने आंदोलन और जनता के संघर्ष की एक बड़ी कामयाबी मान रही है।