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‘राहुल गांधी के नेतृत्व में देशहित से ऊपर राजनीतिक विरोध’ ब्रिक्स रात्रिभोज के बहिष्कार पर संबित पात्रा ने उठाए सवाल

BRICS Summit: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने ब्रिक्स सम्मेलन के रात्रिभोज में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के न शामिल होने पर निशाना साधते हुए इसे दलगत राजनीति और देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला फैसला बताया है।
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भाजपा सांसद संबित पात्रा। फाइल फोटो- पत्रिका

Sambit Patra: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसी अंतरराष्ट्रीय बैठक किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा, विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। संबित पात्रा ने कहा कि हाल ही में भारत में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर था। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से दुनिया में भारत की स्थिति मजबूत होती है और विभिन्न देशों के साथ संवाद तथा सहयोग के नए रास्ते खुलते हैं।

सम्मानपूर्वक आमंत्रण भेजा गया

पात्रा ने दावा किया कि ब्रिक्स से जुड़े रात्रिभोज के लिए देश के सभी मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। निमंत्रण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कोई भेदभाव नहीं किया गया। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रण भेजा गया था। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का विशेष रूप से उल्लेख किया। पात्रा के अनुसार, रेवंत रेड्डी की ओर से 12 तारीख को कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि भी भेजी गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने रात्रिभोज में शामिल होने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि केरल और कर्नाटक से जुड़े कांग्रेस नेताओं की भी रात्रिभोज में गैरमौजूदगी रही।

वैश्विक मुद्दों पर साझा प्रयासों से जुड़ा मंच

भाजपा सांसद ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन को कांग्रेस या भाजपा के नजरिए से देखना उचित नहीं है। यह भारत और अन्य सदस्य देशों के बीच सहयोग तथा वैश्विक मुद्दों पर साझा प्रयासों से जुड़ा मंच है। ऐसे आयोजनों में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं वाले नेताओं के बीच संवाद का अवसर मिलता है। पात्रा ने कहा कि रात्रिभोज जैसे कार्यक्रमों में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक बातचीत भी होती है। ऐसे अवसरों पर यह महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए कि कौन किस राजनीतिक दल से जुड़ा है। प्राथमिकता भारत के हित, विकास और वैश्विक भूमिका को मजबूत करने की होनी चाहिए।

राजनीतिक शैली में बदलाव लाने की अपील


उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को एक तरह का बहिष्कार बताते हुए कहा कि इससे देश की जनता के बीच गलत संदेश जाता है। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अभी भी दलगत राजनीति से ऊपर उठने की मानसिकता विकसित नहीं कर पाई है। संबित पात्रा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भले ही मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन पार्टी का वास्तविक राजनीतिक नेतृत्व राहुल गांधी के हाथ में है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीतिक सोच दलगत विरोध से ऊपर नहीं उठ पा रही है। भाजपा सांसद ने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक शैली में बदलाव लाने की अपील की।

सहयोग की भावना के साथ आगे आना चाहिए

उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक मतभेदों के कारण राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों से दूरी बनाना उचित नहीं है। भारत की वैश्विक छवि से जुड़े कार्यक्रमों में सभी राजनीतिक दलों को सहयोग की भावना के साथ आगे आना चाहिए। पात्रा ने कहा कि किसी भी देश या राजनीतिक दल के लिए आगे बढ़ने के लिए व्यापक सोच जरूरी है। कांग्रेस को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। भारत जब वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब राजनीतिक दलों से भी सहयोग और सकारात्मक भागीदारी की अपेक्षा है। छोटे राजनीतिक दायरे में रहकर देश को आगे नहीं ले जाया जा सकता। कांग्रेस को अपना दृष्टिकोण व्यापक करने की जरूरत है।

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