नई दिल्ली

दिल्ली-NCR में PEAK पर पॉल्यूशन, बिगड़ते हालात के बीच लागू हुआ GRAP-3

Delhi AQI: दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच CAQM ने GRAP-3 लागू कर दिया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण कार्य, कुछ वाहनों की आवाजाही और कई प्रदूषणकारी गतिविधियों पर पाबंदियां लगाई गई हैं।
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Updated: 6 Nov 2026, 5:17 PM IST
delhi ncr pollution
दिल्ली-NCR में PEAK पर पॉल्यूशन, फोटो सोर्स- ANI

Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया है और कुछ जगहों पर यह 500 के आसपास दर्ज किया गया। बिगड़ती हवा को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में GRAP के तीसरे चरण (GRAP-3) की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

CAQM का यह फैसला दिल्ली के औसत AQI के 382 तक पहुंचने के बाद लिया गया। GRAP-3 की पाबंदियां उस स्थिति में लागू की जाती हैं, जब वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी की ओर बढ़ती है। वहीं, हालात और ज्यादा बिगड़ने पर GRAP-4 लागू किया जाता है।

निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक

GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कामों पर रोक रहेगी। मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, ड्रिलिंग और खुले में रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) से जुड़े कामों पर भी पाबंदी रहेगी। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा निर्माण सामग्री जैसे रेत, सीमेंट और अन्य सामान के परिवहन पर भी प्रतिबंध रहेगा, खासकर ऐसे रास्तों पर जहां धूल उड़ने की संभावना अधिक होती है।

BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों पर रोक

GRAP-3 के तहत दिल्ली और NCR के संबंधित इलाकों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाली चार पहिया गाड़ियों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी और कार्रवाई भी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे स्टोन क्रशर, माइनिंग और हॉट-मिक्स प्लांट को बंद रखने का प्रावधान है, जो निर्धारित स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी, हालांकि आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इससे छूट दी गई है।

इंटरस्टेट डीजल बसों पर भी पाबंदी

दिल्ली में आने वाली या दिल्ली से होकर गुजरने वाली इंटरस्टेट डीजल बसों पर भी GRAP-3 के तहत प्रतिबंध लागू रहेगा। इसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले अतिरिक्त प्रदूषण को कम करना है।

स्कूलों और दफ्तरों के लिए भी बदलाव

बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए कक्षा 5 तक के स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, निजी कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों की आवाजाही कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल अपनाने पर विचार करें। प्रशासन का जोर अब निर्माण गतिविधियों, वाहनों, धूल और औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने पर है, ताकि दिल्ली-NCR की बिगड़ती हवा को और खराब होने से रोका जा सके।

Updated on:
6 Nov 2026, 5:17 PM IST
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