नई दिल्ली

पाकिस्तान के लिए जासूसी, ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़; दिल्ली पुलिस ने 10 आरोपियों को दबोचा

Delhi News: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI समर्थित जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दिल्ली के संवेदनशील ठिकानों पर कैमरे लगाकर पाकिस्तान को लाइव फीड भेज रहे थे।
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Delhi Police : देश के बाहर से संचालित होने वाले खुफिया नेटवर्क के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित एक जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए कम से कम 10 गुर्गों को गिरफ्तार किया है।

आपको बता दें कि आरोपियों को पकड़ने के लिए यह हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन एडिशनल कमिश्नर (स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाहा के नेतृत्व में चलाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि इन आरोपियों को भारत से नहीं बल्कि विदेश में बैठे हैंडलर्स अपने इशारे पर नचा रहे थे और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की विस्तृत रेकी कर रहे थे।

संवेदनशील जगहों पर लगाए थे 'लाइव' कैमरे

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने बताया कि यह मॉड्यूल केवल निगरानी तक सीमित नहीं था। आरोपी संवेदनशील स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरे स्थापित कर रहे थे ताकि सीमा पार बैठे अपने आकाओं (ISI) को रियल-टाइम (लाइव) फीड दे सकें। इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में भारत के भीतर आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

हफ्तों की निगरानी के बाद मिली सफलता

स्पेशल सेल की यह कार्रवाई हफ्तों की तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया जानकारी के बाद संभव हो पाई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर दिल्ली का मानना है कि ये 10 संदिग्ध नेटवर्क की स्थानीय 'रीढ़' के रूप में काम कर रहे थे, जो रसद (Logistics) जुटाने और शहर के बुनियादी ढांचे की खामियों को पहचानने में मदद करते थे।

स्लीपर सेल्स की तलाश जारी

फिलहाल इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और स्टोरेज उपकरण, के साथ-साथ कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां इन सभी उपकरणों का गहन तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और उनका नेटवर्क कितना बड़ा और सक्रिय था।

Updated on:
10 Apr 2026 12:39 pm
Published on:
10 Apr 2026 12:39 pm