Delhi Crime: दिल्ली के शाहदरा में 20 साल की लड़की को उसके चाचा ने मरवा डाला। इसके लिए आरोपी ने पहले भाड़े पर युवती के लिए आशिक हायर किया था। पुलिस ने जांच के बाद इसका खुलासा किया है।
Delhi Crime: दिल्ली में एक चाचा ने अपनी 20 साल की भतीजी की हत्या के लिए पहले उसके लिए एक आशिक हायर किया। आशिक ने योजना के अनुसार युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया। इसके बाद उसे एकांत जगह ले जाकर गोली मार दी। दिल्ली पुलिस ने इस घटना का लगभग एक हफ्ते बाद खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, युवती एक मुकदमे में मुख्य गवाह थी। लड़की ने जिसके खिलाफ गवाही दी थी। वह युवती के परिवार का परिचित था। इसलिए चाचा को डर था कि कहीं आगे चलकर कोर्ट में भतीजी अपनी गवाही से न मुकर जाए। इसलिए उसने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना दिल्ली के शाहदरा के जीटीबी एन्क्लेव की है। जहां 14 अप्रैल रात 10 बजे पुलिस को एक 20 साल की युवती का गोली लगा शव मिला था। युवती को दो गोली मारी गई थी। पुलिस ने युवती की पहचान सायरा के रूप में की थी। जो शाहदरा इलाके की ही रहने वाली थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर 17 अप्रैल को युवती की हत्या में शूटर 19 साल के मोहम्मद रिज़वान को गिरफ्तार किया। इस दौरान मोहम्मद रिजवान ने पुलिस को बताया कि युवती उसकी प्रेमिका थी और उसके किसी और से संबंध थे। इसलिए उसकी हत्या कर दी। हालांकि बाद में कहानी कुछ और ही निकली।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जब पुलिस ने कई बार उससे पूछताछ की तो वह बयान बदलने लगा। इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और गहन पूछताछ शुरू की गई। बकौल पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मृत युवती चार महीने पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में हुए राहुल की हत्या में चश्मदीद गवाह थी। डीसीपी ने बताया कि सायरा का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया था। पीड़िता के चाचा को डर था कि वह आरोपी के साथ दोस्ताना संबंध रखती थी और अपनी गवाही से मुकर सकती थी। इससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर हो सकता था। इसलिए उसने उसे मारने के लिए रिजवान को पैसे दिए।
पुलिस ने अनुसार, 20 साल की युवती की हत्या में पकड़े गए आरोपी रिजवान ने बताया कि युवती के चाचा 39 साल के कृष्णा उर्फ किशन कुमार ने भतीजी के साथ प्यार का नाटक करने के लिए उसे 15000 रुपये दिए थे। इसके बाद रिजवान ने उसका विश्वास जीतने और उसे मौत के घाट उतारने के लिए उससे प्यार करने का नाटक किया। इस साजिश में युवती के चाचा का दोस्त 22 साल का फिरोज खान उर्फ अमन भी शामिल था। पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने बताया कि रिजवान के बयान के बाद सुंदर नगरी निवासी फिरोज खान उर्फ अमन और किशन कुमार उर्फ कृष्णा को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पूरी सच्चाई सामने आई है।
डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया "चार महीने पुराने मामले में मुख्य गवाह बनी भतीजी की हत्या के लिए उसके चाचा कृष्णा ने फिरोज खान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। इस साजिश के तहत उन्होंने रिजवान को हायर किया था। रिजवान को भतीजी सायरा का विश्वास जीतने और उससे प्यार का नाटक करने के लिए कहा गया था। साजिश के तहत रिजवान उससे दो बार व्यक्तिगत रूप से मिला था। पहली मुलाकात में ही रिजवान ने दोस्ती का हवाला देकर उसे अपने साथ एकांत जगह चलने को कहा, लेकिन सायरा इसके लिए तैयार नहीं हुई। हालांकि दूसरी मुलाकात में सायरा उसके साथ एकांत में जाने को तैयार हो गई और रिजवान ने उसे मार डाला।"
पुलिस ने बताया कि योजना के अनुसार उसे दिल्ली के बाहरी इलाके में ले जाकर उसकी पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर को क्षत-विक्षत करना था। लेकिन रिजवान उसे इतनी दूर जाने के लिए राजी नहीं कर पाया। कृष्णा ने कथित तौर पर उसे इस काम के लिए 1 लाख रुपए की पेशकश की थी, जिसमें से 15,000 रुपए पहले ही दे दिए गए थे। इस मामले की जांच करने वाले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संजय कुमार सैन ने कहा कि रिजवान ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठा बयान दिया था।
17 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद रिजवान को बताया था "मैं सायरा से प्यार करता था, लेकिन वह किसी और युवक से संबंध रखना चाहती थी। इसको लेकर हमारे बीच कई बार झगड़ा होता था। मैंने सायरा को दूसरे युवक से रिश्ता खत्म करने के लिए कई बार कहा, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी। हत्या से दो दिन पहले मैंने एक देसी कट्टा खरीदा। इसके बाद सायरा को कोडिया कॉलोनी में मिलने के लिए बुलाया। यहां भी उसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, लेकिन वह दूसरे युवक से संबंध खत्म करने पर राजी नहीं हुई। इसलिए मैंने उसे गोली मार दी।"