Delhi SWAT Commando: दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में पति के हमले का शिकार हुई महिला SWAT कमांडो की पांच दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। कमांडो के भाई ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।
Delhi SWAT Commando: दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में हुआ घरेलू हिंसा का मामला अब बहुत दुखद मोड़ पर खत्म हो गया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में तैनात 27 साल की स्वाट कमांडो काजल की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काजल पर उसके पति अंकुर ने जिम में इस्तेमाल होने वाले डंबल से उसके सिर पर कई बार मारा था, जिससे उन्हें बहुत गंभीर चोटें आई थीं। हमले के बाद उनको हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उसके बाद उनका कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन चोट गंभीर होने की वजह से वह नहीं बच सकीं। इस मामले में काजल के भाई के खुलासे ने सबको हैरान कर दिया है।
काजल उसके पति द्वारा हमला किए जाने पर बेहोश हो गई थी। उसे बेहोशी की हालत में मोहन गार्डन के तारक हॉस्पिटल लेकर जाया गया। हालत कंट्रोल में नहीं आने पर उन्हें 24 जनवरी को काजल को नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने कई दिनों तक उनका इलाज किया, लेकिन सिर में गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और लगभग 6 बजे काजल ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना सबसे पहले गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने को दी गई और उसके बाद दिल्ली पुलिस को जानकारी दी गई।
इस मामले में काजल के भाई निखिल, जो संसद मार्ग थाने में कांस्टेबल हैं, उन्होंने बताया कि काजल और अंकुर ने साल 2023 में लव मैरिज की थी। निखिल का आरोप है कि शादी के बाद से ही अंकुर के परिवार वाले दहेज के लिए काजल को ताने मारते थे। निखिल ने बताया कि पहले काजल अपने ससुराल गन्नौर (सोनीपत) में रहती थीं, लेकिन विवादों के चलते दोनों मोहन गार्डन के फ्लैट में रहने लगे। कुछ समय बाद अंकुर के कहने पर वे फिर से गन्नौर चले गए। अब वह सिर्फ दिल्ली तभी आते थे, जब काजल दिल्ली में ड्यूटी पर होती थी। इस बार वह गणतंत्र दिवस के चलते दिल्ली आए थे।
निखिल ने बताया कि 22 जनवरी को काजल और अंकुर के बीच झगड़ा हुआ और जब यह कहासुनी हो रही थी, उस समय वह काजल से फोन पर बात कर रहा था। काजल ने उस समय अंकुर को कुछ आपत्तिजनक कहा तो अंकुर ने निखिल से कॉल रिकॉर्ड करने को कहा। उसके तुरंत बाद निखिल ने फोन से काजल की चीखने की आवाज सुनी और उसके बाद कॉल कट गया। उसके बाद अंकुर ने पांच मिनट बाद निखिल को कॉल किया और कहा कि उसने काजल को मार दिया है। इस पूरी वारदात के बाद अंकुर मौके से फरार हो गया था, लेकिन फरार होने से पहले वह काजल को हॉस्पिटल में एडमिट कर गया था।
काजल और अंकुर का एक डेढ़ साल का बेटा है। मां की मौत और पिता के जेल में होने के कारण बच्चे की देखभाल को लेकर परिवार बहुत चिंता में है। इस घटना ने एक छोटे बच्चे को मां के साए से और पिता से दूर कर दिया है। परिवार का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि इतनी कम उम्र में वह किन हालातों में बड़ा होगा।
पुलिस ने 22 जनवरी को हुए हमले के बाद अंकुर के खिलाफ मोहन गार्डन थाने में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया था और उसी दिन उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। काजल की मौत के बाद अब इस केस में हत्या की धारा जोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल दहेज से जुड़ी धाराएं एफआईआर में नहीं जोड़ी हैं और इस पहलू की जांच जारी है। अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी करता है। पुलिस का कहना है कि केस से जुड़े सभी लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है।