
Weather Forecast: उत्तर भारत के मौसम में इस हफ्ते बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पहले तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट होने से ठंड बढ़ेगी। हालांकि, पहाड़ों पर आने वाले एक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हफ्ते के अंत में तापमान में कुछ बढ़ोतरी भी देखी जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में आसमान साफ रहेगा, लेकिन दिन के समय सतह पर हवाएं 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। रात और सुबह के समय हल्का धुंधलापन रह सकता है।
10 दिसंबर से दिल्ली-एनसीआर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दिन से 14 दिसंबर तक सुबह-सुबह हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। 10 दिसंबर से 12 दिसंबर तक दिल्ली के तापमान में लगातार गिरावट देखी जाएगी। 10 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इसके बाद ठंड और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने 11 और 12 दिसंबर को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया है। इन दोनों ही दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 13 दिसंबर को पहाड़ों पर एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। हालांकि इसका असर दिल्ली-एनसीआर पर तो खास नहीं पड़ेगा, लेकिन इसके चलते तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर होगी। 13 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री और 14 दिसंबर को इसके 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
उत्तर भारत के 10 प्रमुख शहरों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जिनमें प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, आगरा, टुंडला, चंडीगढ़, दिल्ली, नैनीताल, अमृतसर और शिमला शामिल हैं। इन शहरों में सुबह के समय वाहन चलाने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि कोहरे के कारण विजिबलिटी बहुत कम हो जाएगी। बिहार के 10 जिलों में भी घने कोहरे के साथ-साथ शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। पटना, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, गोपालगंज, भोजपुर, किशनगंज, अररिया और गया जैसे जिलों में सुबह के समय शीत लहर चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। शीतलहर तब घोषित की जाती है, जब किसी क्षेत्र का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है।
कश्मीर घाटी में अब जल्द ही 40 दिनों की कड़ाके वाली ठंड यानी 'चिल्लई कलां' शुरु होने वाली है। इस दौरान वहां जमकर बर्फबारी होती है। इस वजह से कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। यहां न्यूनतम तापमान इस सीजन में पहली बार 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बात अगर दक्षिण भारत की करें तो IMD का कहना कि तमिलनाडु के कई हिस्सों में 12 दिसंबर तक हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मानसून के मजबूत होने की वजह से राज्य के बड़े हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। समुद्र में मौसम खराब होने की वजह से मछुआरों को 10 दिसंबर तक दक्षिणी तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कुमारी सागर क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी गई है।