दिल्ली की सड़कों के अब विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। इससे सफर आसान होगा और जाम से मुक्ति मिलेगी।
Development राजधानी दिल्ली की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाने और उनके विस्तार के लिए लोक निर्माण विभाग ( PWD ) ने कमर कस ली है। दिल्ली सरकार में PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को कहा कि, विभाग केंद्रीय सड़क अवसंरचना कोष ( CRIF ) के तहत सड़क सुदृढ़ीकरण की बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से करीब 1,200 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मांगेगा।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे "नेक्स्ट जनरेशन बजट" बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि दिल्ली के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली को पहली बार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से CRIF के तहत 803 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सहायता मिली है।
भाजपा सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में दिल्ली की 1,440 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प शामिल था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 300 किलोमीटर सड़कों पर रि-कार्पेटिंग और मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। 550 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास इसी साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। अगले वित्तीय वर्ष में 600 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों का करने की योजना है, जिसके लिए केंद्र से फंड की मांग की जा रही है।
पिछले 11 महीनों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए PWD मंत्री ने कहा कि अब शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता आई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले दिल्ली का विकास राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ जाता था लेकिन अब केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से रुकी हुई परियोजनाएं फिर से दौड़ने लगी हैं।
सड़कें सुधारने के साथ-साथ दिल्ली को सुंदर बनाने की योजना भी है। PWD ने फ्लाईओवरों और फुट ओवरब्रिज (FOB) के सौंदर्यीकरण के लिए एक विशेष सलाहकार नियुक्त किया है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि राजधानी की सुंदरता में भी चार चांद लगेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि "यह बजट 2047 के विकसित भारत और विकसित दिल्ली का रोडमैप है। केंद्र के सहयोग से अब यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा और जाम से मुक्ति मिलेगी।