नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने माना है कि देशभर के किसानों पर कॉमर्शियल, क्षेत्रीय ग्रामीण और ग्रामीण सहकारी बैंकों का करीब 32.65 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। जबकि सरकार के पास फिलहाल किसान कर्ज माफी की कोई योजना नहीं है। हालांकि सरकार किसानों की समृद्धि और विकास के लिए कई योजनाओं को संचालित कर […]
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने माना है कि देशभर के किसानों पर कॉमर्शियल, क्षेत्रीय ग्रामीण और ग्रामीण सहकारी बैंकों का करीब 32.65 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। जबकि सरकार के पास फिलहाल किसान कर्ज माफी की कोई योजना नहीं है। हालांकि सरकार किसानों की समृद्धि और विकास के लिए कई योजनाओं को संचालित कर रही है। सर्वाधिक किसान कर्ज के मामले में राजस्थान और मध्यप्रदेश देश के टॉप दस राज्यों में शामिल है।
दरअसल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में सरकार से किसान कर्ज और उसकी माफी को लेकर सवाल पूछा। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखित जवाब में बताया कि किसानों की पूर्ण कर्ज माफी के लिए योजना तैयार करने संबंधी कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। हालांकि सरकार ने किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए कई उपाय किए हैं।
राजस्थान और मध्यप्रदेश के किसान कर्ज के दबे तले दबे हुए हैं। जहां राजस्थान के किसानों पर 1 लाख 92 हजार 293 करोड़ रुपए, मध्यप्रदेश के किसानों पर 1 लाख 70 हजार 758 करोड़ और छत्तीसगढ़ के किसानों पर करीब 32 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है।
1. कम अवधि के कर्ज की सीमा 1.60 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की गई 2. किसान क्रेडिट कार्ड से रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का फसल ऋण दिया जाता है 3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के माध्यम से फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के माध्यम से जमीन धारक किसानों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाता है।
| प्रदेश | कॉमर्शियल बैंक | क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक | ग्रामीण सहकारी बैंक |
| तमिल नाडु | 4.56 | 0.26 | 0.22 |
| आंध्र प्रदेश | 2.85 | 0.55 | 0.34 |
| महाराष्ट्र | 2.49 | 0.10 | 0.46 |
| उत्तर प्रदेश | 1.69 | 0.60 | -- |
| कर्नाटक | 1.80 | -- | 0.30 |
| राजस्थान | 1.44 | 0.30 | 0.18 |
| तेलंगाना | 1.31 | 0.28 | 0.17 |
| मध्यप्रदेश | 1.29 | 0.12 | 0.29 |
| गुजरात | 1.10 | 0.13 | 0.44 |
| केरलम | 1.27 | 0.21 | 0.11 |
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लाभान्वित करने की बात कहकर सरकार किसानों के असली मुद्दों को भटकाना चाहती है। जबकि देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए एक बार किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी आवश्यक है। उन्होंने कहा किसान सम्मान निधि वार्षिक एक लाख रुपए होनी चाहिए।