आग की लपटों इतनी भयंकर थी कि 20 टीमों को चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। लोगों बोले धमाकों से ऐसा आभास हुआ जैसे धरती हिल रही हो।
Fire फरीदाबाद के मुजेसर स्थित एक वर्कशॉप में सोमवार शाम भयंकर आग लग गई। छोटी सी चिंगारी से भड़की आग ने विकराल रूप ले लिया। वर्कशॉप में रखे केमिकल से भरे ड्रमों ने आग पकड़ी तो वो तेज धमाकों के साथ फटने लगे। इससे लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिला और एक किलोमीटर तक जैसे धरती हिल गई। आसपास के लोगों ने भी भागकर अपनी जान बचाई। आग की लपटों पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों की 20 से अधिक टीमें करीब चार घंटे तक मशक्कत करती रही। इस दुर्घटना में अभी तक 35 से अधिक लोगों के झुलसने की खबर है। अब आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। प्रथम दृष्टया यही माना जा रहा है कि वेल्डिंग रोड से निकली चिंगारी से आग भड़की।
घटना सोमवार शाम करीब चार बजे की है। फरीदाबाद के सेक्टर 24 स्थित एक वर्कशॉप में रोजाना की तरह सामान्य रूप से काम चल रहा था। यहां कालका ऑयस कटर वर्कशॉप में सीएनजी मशीन के जरिए लोहे के पार्ट काटे जा रहे थे। अचानक से एक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी वर्कशॉप में आग फैलने लगी और कुछ ही देर में इस वर्कशाप के पीछे स्थित एक दूसरी वर्कशॉप तक लपटें पहुंच गई। यहां पर केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे। इनमें भी आग लग गई और इसके बाद जैसे बम की तरह यह फटने लगे। किसी को भी बचने का अवसर नहीं मिला। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस आग में दमकल कर्मियों समेत आग बुझाने में लगे पुलिसकर्मी और वर्कशॉप मालिक के अलावा काम कर रहे कर्मचारियों और राहगीरों समेत करीब 35 लोग आज की लपटों की चपेट में आए।
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है लेकिन प्राथमिक पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है कि इस वर्कशाप के अंदर स्प्रिंग बनते हैं। सीएनजी मशीन से स्टील और एल्यूमीनियम के पार्ट्स काटे जा रहे थे। इसी दौरान वेल्डिंग से कोई चिंगारी वर्कशॉप के ज्वलनशील पदार्थ पर गिरी, जिससे आग लग गई। यह आग इतनी तेजी से फैली की वर्कशॉप के बाहर जो दुकाने हैं उन तक चली गई। वर्कशॉप के पास एक दूसरी वर्कशॉप है और बाहर कुछ दुकाने हैं। यहां पर तेल के ड्रम रखे हुए थे। इनमें आग लगना शुरू हुई तो ये फटने लगे। करीब 20 मिनट तक धमाके होते रहे। इससे आसपास अफरा- तफरी मच गई। बाहर दुकानों में भी आग फैल गई। लोग जान बचाकर भागने लगे। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि करीब एक किलोमीटर तक ऐसा एहसास हुआ जैसे धरती हिल गई हो। इसके बाद पुलिस और दमकलककर्मियों की टीम मौके पर पहुंची।
आग की भयावहता को देखते हुए करीब 20 गाड़ियां लगाई गई। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यह टीमें आग की लपटों पर काबू नें सफल हो सकी। इन विस्फोटों से वर्कशॉप के आसपास खड़ी कई गाड़ियां भी जल गई। इस दुर्घटना में अभी तक सब इंस्पेक्टर रवि के अलावा सिपाही अजमेर, दो फायर ब्रिगेडकर्मी यानी दमकलकर्मी और अभिषेक के अलावा विपिन राकेश रविंद्र सोनू अशोक प्रदीप मनोज समेत करीब 35 लोग झुलसे हैं।
उपायुक्त आयुष सिंह ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अभी तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं लग सका है। जांच चल रही है। प्राथमिकता आग बुझाने और घायलों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाने की थी। यह काम ठीक तरीके से कर लिया गया। अगर टीमें समय पर ना पहुंचती तो आग और भयंकर रूप ले सकती थी। प्राथमिक पड़ताल के आधार पर यही माना जा रहा है कि वेल्डिंग के दौरान चिंगारी उठी और किसी ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आई। इससे आग फैली और फिर रासायनिक और अन्य केमिकलों ने आग पकड़ ली। यही कारण रहा कि आग की लपटों पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।