कीमतें एक रुपए भी नहीं बढ़ी है, लेकिन फिर भी महंगे हो गए चिप्स, चॉकलेट और बिस्किट
नई दिल्ली. लगातार बढ़ती महंगाई के बावजूद अगर आपको तेल, बिस्किट, चिप्स और नमकीन जैसे प्रोडक्ट उसी दाम में मिल रहे हैं तो इस भ्रम में मत रहिए कि कंपनियों ने इनके दाम नहीं बढ़ाए हैं। दरअसल, एफएमसीजी कंपनियां चिप्स, बिस्किट, नमकीन आदि के पैकेट का वजन घटाकर अपनी जेब भर रही हैं और अपकी जेब हल्का कर रही हैं। कंपनियों ने कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल के बाद बढ़ी हुई लगात की भरपाई के लिए यह तरीका निकाला है।
जेब पर बोझ बढ़ा
पारले-जी बिस्किट, बीकाजी नमकीन और कोलगेट टूथपेस्ट ऐसे कई उते्पाद हैं जिनकी कीमतें एक रुपए भी नहीं बढ़ी है, लेकिन फिर भी ये महंगे हो गए हैं। इन उत्पादों के वजन में कटौती की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिकांश कमोडिटी की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। लेकिन एफएमसीजी कंपनियां कीमत बढ़ाने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि बाजार में अभी भी सुस्ती है। ऐसे में कंपनियां वजन कम कर मुनाफा बढ़ा रही हैं।
छोटे पैकेट का बड़ा बाजार
चिप्स, बिस्किट और नमकीन के छोटे पैकेट का बाजार बहुत बड़ा है। 5 रुपए और 10 रुपए के पैकेट का एक अलग उपभोक्ता वर्ग है। इस श्रेणी में दाम बढ़ाने का जोखिम कोई भी कंपनी नहीं लेना चाहती है।
ये उत्पाद हुए हल्के
5 रुपए वाले पारले-जी बिस्किट का वजन पहले 64 ग्राम था जो अब घटकर 55 ग्राम हो गया।
10 रुपए वाले कोलगेट टूथपेस्ट का वजन 25 ग्राम से घटकर 18 ग्राम रह गया।
कैडबरी चॉॅकलेट जिसकी कीमत 100 रुपए है, उसका वजन 150 ग्राम से घटकर 100 ग्राम हो गया।
30 रुपए वाले सैनेटरी पैड के पैकेट में पहले 10 पैड होती थी जो अब 7 पीस रह गई।
10 रुपए वाले बीकाजी नमकीन का वजन 80 ग्राम से घटकर 40 ग्राम रह गया है।