Ghaziabad triple suicide case: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या का मामला दिन-ब-दिन उलझता जा रहा है। पुलिस जांच में पिता के बदलते बयान और फ्लैट की खिड़की से जुड़ी तकनीकी बाधाओं ने मौत की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ghaziabad triple suicide case: गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा एक साथ आत्महत्या किए जाने का मामला हर दिन और भी पेचीदा होता जा रहा है। पुलिस इस पूरे प्रकरण की हर एंगल से लगातार जांच कर रही है। फिलहाल तीनों बहनों की मौत एक रहस्य बनी हुई है, क्योंकि बच्चियों के पिता के बयान में भी बदलाव देखा गया है। वहीं, जब पुलिस तीनों बच्चियों की मौत की गहराई से जांच करने के लिए घटना वाले फ्लैट पर पहुंची, तो सामने आया कि पूजा वाले कमरे में लगी खिड़की से एक साथ तीन तो दूर, दो बच्चियां भी कूद नहीं सकती थीं।
पुलिस पिता के बयान से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है, इसलिए इस घटना को दूसरे एंगल से छानबीन की जा रही है। पिता के द्वारा दिए गए बयान में पुलिस को पूरी सच्चाई नजर नहीं आई। दरअसल, पूछताछ के दौरान चेतन कुमार ने अपनी शादियों को लेकर जो कहानी पुलिस के सामने रखी, उसमें कई विरोधाभास नजर आए और उसकी कड़ियां आपस में मेल खाती नहीं दिखीं। जांच में यह भी सामने आया कि संतान न होने के कारण दूसरी शादी किए जाने का दावा तथ्यों के आधार पर सही नहीं बैठता। इन खुलासों के बाद पुलिस अब इस पहलू की भी गंभीरता से छानबीन कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
आपको बता दें कि तीनों बहनों के आत्महत्या करने के बाद से पुलिस लगातार उनके पति चेतन से पूछताछ कर रही है। इस दौरान पुलिस ने पाया है कि उनके पहले और बाद के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। दरअसल, उन्होंने पहले कहा था कि तीनों बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं और टास्क पूरा करने के आखिरी पड़ाव पर उन्होंने एक साथ सुसाइड कर लिया। वहीं, आत्महत्या की दूसरी वजह उन्होंने खुद बताई है कि बेटियां कोरियन कल्चर को अपनाना चाहती थीं, दिनभर कोरियन फिल्म और रील्स देखती थीं। जब उनसे फोन छीन लिया गया और उनकी शादी कराने की बात कही गई तो उन्होंने सुसाइड कर लिया। इन दोनों बयानों से पुलिस का संदेह और बढ़ गया है।
पुलिस की जांच में पता चला कि मरने वाली बच्चियों के पिता चेतन की दो पत्नियां थीं। चेतन की पहली पत्नी सुजाता ने पुलिस को बताया कि बेटियों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था, वरना उन्हें बचाया जा सकता था। इसके बाद चेतन की दोनों पत्नियां खुद को अलग कमरे में बंद कर बैठ गईं, जिस कारण उनके विस्तृत बयान दर्ज नहीं हो सके। फिलहाल पुलिस की जांच चेतन के बयान, दोनों पत्नियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक लेन-देन और घर के भीतर मिले फोरेंसिक साक्ष्यों के आसपास केंद्रित है। आत्महत्या की इस कहानी के बीच कई नए सवाल खड़े हो गए हैं, जिनके जवाब तलाशने में पुलिस जुटी हुई है।
गौरतलब है कि बीते तीन फरवरी की रात करीब 2:15 बजे गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली थीं। मिली जानकारी के अनुसार, तीनों बहनें अपने फ्लैट की 9वीं मंजिल से कूद गईं और उनकी मौत हो गई। इसके बाद से पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही है।