ई-स्कूटर्स में आग लगने की लगातार बढ़ रही घटनाओं के बीच केंद्र सरकार की कवायद
नई दिल्ली. पिछले एक महाने में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने की कम से कम 6 घटनाएं सामने आई हैं। आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार ने फॉरेंसिंक जांच के आदेश दिए हैं। ई-स्कूटर्स में आग लगने की घटना से खरीदार परेशान हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ईवी इंडस्ट्री के लिए एक विस्तृत गाइडलाइंस बनाने में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, नीति आयोग और सड़क परिवहन मंत्रालय मिलकर ईवी की टेस्टिंग, बैटरी, सेल टेस्टिंग और बैटरी मेंटेनेंस के नियम को संशोधित कर रही है और इसके लिए नए नियम बना रही है, ताकि ईवी को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। सरकार जिन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स कंपनियों के स्कूटर में आग लगी थी उनसे बात कर रही है और आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की सलाह दे रही है। सरकार जल्द ही ईवी कंपनियों को नियम पालन करने को लेकर निर्देश जारी कर सकती है।
ग्राहक खींचने लगे हाथ
ई-स्कूटर की बिक्री में पिछले वित्त वर्ष जबरदस्त तेजी आई, लेकिन हाल ही में इन वाहनों में आग लगने की घटना बढऩे के बाद इनकी मांग कम होती लग रही है। लोग इन्हें खरीदने से बच रहे हैं और जो लोग बुकिंग करा चुके थे, वे उसे रद्द कराने पहुंच रहे हैं। इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। डीलरों का कहना है कि ईवी खरीदने की सोच रहे लोगों की संख्या 10त्न कम हो गई है।
इन ई-स्कूटर्स में लगी आग
ओकीनावा ऑटोटेक, ओला एस 1 प्रो, ईवी प्योर और जितेंद्र ईवी के स्कूटरों में आग लगने की कम से कम 6 घटनाएं सामने आई हैं। ओकीनावा ऑटोटेक ने बैटरी से जुड़ी किसी खामी की जांच करने और उसे दुरुस्त करने के लिए बाजार से अपने 3,215 स्कूटर वापस लेने की घोषणा की है।
लिथियम आयन बैटरी पर शंका
ईवी में आग लगने के खतरे का सामना न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर वाहन विनिर्माताओं को करना पड रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाो लिथियम आयन बैटरी इस समस्या की जड़ है। ईवी स्टार्टअप एक्सपोनेंट एनर्जी के को-फाउंडर अरुण विनायक के मुताबिक, लिथियम आयन बैटरी जब 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म हो जाती है तो उसके अंदर पैदा हुई गर्मी आसपास की गर्मी से अधिक हो जाती है, जिससे ईवी में आग लग जाती है।
फास्टचार्जिंग से बचना चाहिए
ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा लुभावना बनाने के लिए फास्टचार्जिंग के इस्तेमाल का चलन एक और चिंता की बात है। बाउंस के सीईओ विवेकानंद हल्लेकेरे ने कहा, फास्टचार्जिंग से बचना चाहिए, क्योंकि कम वक्त में बहुत ज्यादा ऊर्जा देने से बैटरी खराब होने की आशंका रहती है। लेकिन इससे आग लगने की संभावना नहीं है
गाइडलाइंस में ये होंगे शामिल
- आग जैसी घटनाओं से निपटने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान
-दोपहिया इलेक्ट्रिक गाडिय़ों के रिकॉल के लिए एक अलग पॉलिसी
-ईवी की सेफ्टी, तापमान, चार्जिंग और कूलिंग के लिए दिशा-निर्देश