Fire in Moving Car: दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र स्थित बिजवासन रोड फ्लाईओवर पर ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की चलती कार में आग लग गई। हादसे में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी जिंदा जल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
Fire in Moving Car: दिल्ली में सोमवार देर रात दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित बिजवासन रोड फ्लाईओवर सोमवार देर रात एक जली हुई कार मिलने से सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस को कार के अंदर गुरुग्राम निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की अधजली लाश मिली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। दरअसल, दिल्ली फायर सर्विस को सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे सूचना मिली कि एक बिजवासन फ्लाईओवर पर एक चलती कार में आग लग गई है। इस सूचना के बाद दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया, लेकिन जब कार की जांच की गई तो अंदर से एक अधजला शव बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 10:25 बजे कापसहेड़ा थाने में एक पीसीआर कॉल आई थी। कॉल में बताया गया था "एक गाड़ी में आग लगी है और उसमें एक परिवार फंसा हुआ है।" सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, आग लगी हुई कार टोयोटा ग्लैंजा थी। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर DL 8 CBA 7610 है। इस दौरान कार के अंदर एक अधजला शव भी बरामद हुआ। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि शव हरियाणा के गुरुग्राम निवासी कार के ड्राइवर का है। जो हादसे के समय कार से बाहर नहीं निकल सका और आग की चपेट में आ गया। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार पूरी तरह जल चुकी थी।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में यह दुर्घटना प्रतीत होती है। हालांकि फोरेंसिक टीम और क्राइम टीम को भी जांच में लगाया गया है। ताकि किसी साजिश या तकनीकी खामी की आशंका को भी खारिज किया जा सके। इस हादसे ने लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है और सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकल राहगीरों से पूछताछ में सामने आया कि टोयोटा ग्लैंजा (DL 8 CBA 7610) द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर जा रही थी तभी उसमें अचानक आग लग गई। ड्राइवर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गया।
पुलिस ने बताया कि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर से डिटेल्स निकलवाकर हादसे की सूचना कार मालिक तक पहुंचाई गई। इसके बाद मृतक की पहचान 42 साल के संदीप पुत्र मामन सिंह निवासी हाउस नंबर- 55, गली नंबर 3, निहाल कॉलोनी, पालम विहार, गुरुग्राम के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि संदीप आरके पुरम में टैक्सी ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता था और घटना के समय वह अपने ऑफिस से घर लौट रहा था।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम को बुलाया। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य संकलन किया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा है। साथ ही मुकदमा दर्ज कर मामले की कई बिंदुओं पर जांच शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि आग तकनीकी कारणों से लगी या किसी साजिश का हिस्सा थी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। घटना सिर्फ एक हादसा है या फिर इसमें किसी की साजिश है? पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।