Haryana youth accidental death: हरियाणा के कुरुक्षेत्र (शाहाबाद) निवासी 35 वर्षीय प्रवीन कुमार की अर्मेनिया में गैस पाइप विस्फोट के कारण दर्दनाक मौत हो गई। रोजगार के लिए विदेश गए प्रवीन के परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार अब सरकार से बेटे का शव भारत लाने के लिए मदद की गुहार लगा रहा है।
Kurukshetra youth died in Armenia: रोजगार की तलाश में सात समंदर पार अर्मेनिया गए हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के एक युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। शाहाबाद के नगला गांव निवासी 35 वर्षीय प्रवीन कुमार की मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अब पीड़ित परिवार अपने लाडले का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रवीन अर्मेनिया में एक किराए के कमरे में रहता था। वह अपने कमरे में खाना बना रहा था, तभी अचानक रसोई गैस पाइप में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि प्रवीन को संभलने का मौका तक नहीं मिला और आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में प्रवीन बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
प्रवीन अगस्त 2024 में अपने परिवार के बेहतर भविष्य और आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने लेकर अर्मेनिया गया था। उसके पिता वेद प्रकाश दिव्यांग हैं और प्रवीन ही घर का एकमात्र सहारा था। परिवार ने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था, लेकिन दो साल पूरे होने से पहले ही खुशियां मातम में बदल गईं।
आपको बता दें कि बेटे को खोने के गम के बीच परिवार के सामने अब उसका शव वतन लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मृतक के पिता वेद प्रकाश ने बताया कि शव को भारत लाने में करीब 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आएगा, लेकिन बेहद गरीब और कर्ज में डूबा परिवार इतनी बड़ी रकम जुटाने में असमर्थ है। परिजनों ने सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि उनके बेटे के शव को सरकारी खर्च पर भारत लाने में मदद की जाए।
वर्तमान में गांव और रिश्तेदारों का तांता प्रवीन के घर पर लगा हुआ है, जहां माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के सहारे घर चलने की उम्मीद थी, उसके चले जाने से परिवार के सामने अब जीवन-यापन का भी संकट खड़ा हो गया है।