नई दिल्ली

16 लाख करोड़ से दौड़ेगी हाई स्पीड रेल, सात नए कॉरिडोर की तैयारी

देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत में रेलवे पर आयोजित 20 वें वार्षिक सम्मेलन के पहले दिन हाई स्पीड रेल पर विशेष सत्र में एलएंडटी के उपाध्यक्ष एवं टास्क फोर्स लीडर मोहन रमेश ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की तैयारियों पर जानकारी दी
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High Speed train

नई दिल्ली। देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की बड़ी तैयारी है। सरकार ने सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है, जिन पर करीब 16 लाख करोड़ रुपए के निवेश का अनुमान है। वहीं देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत में रेलवे पर आयोजित 20 वें वार्षिक सम्मेलन के पहले दिन हाई स्पीड रेल पर विशेष सत्र में एलएंडटी के उपाध्यक्ष एवं टास्क फोर्स लीडर मोहन रमेश ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की तैयारियों पर जानकारी दी। चर्चा में परियोजना के प्रमुख पड़ाव, तकनीकी एवं इंजीनियरिंग नवाचार, निर्माण के दौरान सामने आई चुनौतियों और उनसे मिले अनुभवों पर फोकस रहा। आगामी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए निर्धारित लक्ष्यों और समयसीमा पर भी चर्चा हुई।

पहली परियोजना से मिलेंगे नए कॉरिडोर को सबक

विशेषज्ञों ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क की आधारभूत परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है। इसके निर्माण में सामने आ रही तकनीकी और इंजीनियरिंग चुनौतियों से मिले अनुभव आगामी सात कॉरिडोर के क्रियान्वयन में उपयोगी होंगे।

तेज ट्रेनों के लिए बदलेगी सिग्नलिंग व्यवस्था

भारतीय रेलवे के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं कोच्चि मेट्रो रेल के सिस्टम निदेशक संजय कुमार ने सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर चर्चा की। बढ़ती ट्रेन गति और नेटवर्क पर बढ़ते यातायात के बीच आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया गया। चर्चा में कवच की व्यापक कवरेज, एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आंकड़ा विश्लेषण और क्लाउड आधारित तकनीकों को रेलवे सिग्नलिंग एवं ट्रेन संचालन से जोडऩे की संभावनाओं पर भी बात हुई। महत्वपूर्ण सिग्नलिंग ढांचे की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना भी प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आया।

23 हजार किमी ट्रैक पर 130 किमी प्रतिघंटे से ज्यादा रफ्तार से चल सकती हैं ट्रेनें

आधुनिक हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए बड़े स्तर पर रेल पटरियों का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में 23 हजार किलोमीटर से अधिक रेल ट्रैक पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटे से ज्यादा की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की क्षमता है, जबकि करीब 82 हजार किलोमीटर ट्रैक 130 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की गति के लिए सक्षम हैं। इन ट्रैक का उन्नयन आधुनिक ट्रेनसेट के संचालन के साथ-साथ यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार के लिए जरूरी है।

क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी मंथन

विशेष सत्र में रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला के महाप्रबंधक अजय नंदन, रेल विकास निगम लिमिटेड के निदेशक-ऑपरेशंस एम.पी. सिंह और एनसीआरटीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर-ट्रैक्शन देविंदर सिंह परमार ने क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में हुए काम, प्रमुख उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की। रेलवे निर्माण परियोजनाओं में डिजिटल तकनीक और एआई के इस्तेमाल पर भी विशेष चर्चा हुई।

ग्रीन और मॉड्यूलर निर्माण पर फोकस

एपीएल अपोलो ट्यूब्स के डायरेक्ट सेल्स-हेड इंडिया रोहित कपूर ने तेज, हरित और मॉड्यूलर स्टील निर्माण तकनीक पर प्रस्तुति दी। वहीं इलेक्ट्रोथर्म के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरांग चरण राउत ने टिकाऊ निर्माण सामग्री, मजबूत बुनियादी ढांचे और जलवायु अनुकूल रेलवे निर्माण पर विचार रखे। रेलवे बुनियादी ढांचे से जुड़ी मौजूदा कानूनी चुनौतियों पर एमसीओ लीगल्स के मैनेजिंग पार्टनर अमित मेहरारिया ने प्रस्तुति दी।

Updated on:
03 Sept 2026 03:19 pm
Published on:
03 Sept 2026 03:19 pm