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भारत-सेशेल्स संबंधों को नई गति देने पर जोर, बिरला ने संसदीय सहयोग बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

भारत और सेशेल्स के संबंध सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव, भारतीय प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी स्नेपर आधारित हैं। बिरला ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेष रूप से योग में अर्नेस्टा की रुचि का भी उल्लेख किया
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Lok Sabha Speaker

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संसद भवन परिसर में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा और उनके संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों, संसदीय सहयोग, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

अर्नेस्टा का स्वागत करते हुए बिरला ने उन्हें सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी और इसे महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित न बताते हुए कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध सदियों पुराने सभ्यतागत जुड़ाव, भारतीय प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी स्नेपर आधारित हैं। बिरला ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेष रूप से योग में अर्नेस्टा की रुचि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग भारत की आत्मा है और सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। उन्होंने सेशेल्स में भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से योग को और लोकप्रिय बनाने में सहयोग की पेशकश की। अर्नेस्टा ने भारत में मंदिरों के दर्शन से मिले आध्यात्मिक अनुभवों का भी जिक्र किया। बैठक में सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, अपराजिता सारंगी और हिमाद्रि सिंह भी मौजूद रहीं।

मोदी के संबोधन से रिश्तों को मिली नई ऊर्जा

भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की 50 वीं वर्षगांठ और सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए बिरला ने दोनों देशों को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनके ऐतिहासिक संबोधन से दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को नई ऊर्जा और गति मिली है। बिरला ने दोनों संसदों के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि संसदीय सहयोग से साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सेशेल्स के सांसदों को भारतीय संसद का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया।

डिजिटल संसद और एआइ पर भी चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष ने भारतीय संसद के डिजिटल परिवर्तन की जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने पेपरलेस संसद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। संसदीय कार्यवाही का 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल संसद के साथ देश के विभिन्न विधायी निकायों को साझा डिजिटल मंच से जोडऩे के प्रयासों की भी जानकारी दी। बिरला ने कहा कि स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के माध्यम से सेशेल्स के सांसदों और अधिकारियों के लिए विधायी प्रारूपण, संसदीय प्रक्रियाओं और क्षमता निर्माण से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की।

हिंद महासागर में साझेदारी पर जोर

बिरला ने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने ‘विजन महासागर’ के संदर्भ में दोनों देशों की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत और सेशेल्स संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य बहुपक्षीय मंचों पर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और मजबूत करने पर भी जोर दिया।