नई दिल्ली

कुवैत में मिलेगा हिंदी भाषा को बढ़ावा

- जीयूएसटी में स्थापित होगी पहली आईसीसीआर इंडिया स्टडीज़ चेयर

less than 1 minute read

नई दिल्ली। कुवैत में भारतीय दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने  गल्फ़ यूनिवर्सिटी फ़ॉर साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी (जीयूएसटी) के साथ विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा के अध्ययन और शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए पहली "इंडिया स्टडीज़ चेयर" स्थापित करने का एमओयू किया।

इस समझौते पर भारत के राजदूत डॉ. आदर्श स्वैका और जीयूएसटी के प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर बासम अलमेद्दीन ने हस्ताक्षर किए। यह चेयर तीन साल तक हिंदी पढ़ाने के लिए भारत से एक विशेषज्ञ अकादमिक की नियुक्ति करेगी।

वैश्विक स्तर पर हिंदी का बढ़ता महत्व

हिंदी, दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसे 600 मिलियन से अधिक लोग बोलते हैं। भारत के बाहर मॉरीशस, फिजी, नेपाल, और त्रिनिदाद जैसे देशों में भी यह लोकप्रिय है।

कुवैत में हिंदी का प्रसार

कुवैत में यह पहली बार है कि किसी विश्वविद्यालय में हिंदी चेयर स्थापित हो रही है, जिसे कुवैत में हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का एक बड़ा क़दम माना जा रहा है। इससे पहले अप्रैल 2024 में, कुवैत के नेशनल रेडियो पर भी साप्ताहिक हिंदी प्रसारण शुरू किया गया था। यह पहल कुवैत में बसे भारतीय प्रवासियों के योगदान और वहां हिंदी भाषा के महत्व को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगी।

Updated on:
13 Sept 2024 12:16 pm
Published on:
13 Sept 2024 12:15 pm
Also Read
View All

अगली खबर