नई दिल्ली

‘PM को निशाना बनाने के लिए विपक्ष सोशल मीडिया हैंडल्स को फंडिंग कर रहा’, BJP नेता टी. साईकिरण गौड़ का दावा

CJP protest PM Modi video controversy: हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख और 20 सोशल मीडिया हैंडल पर एफआईआर दर्ज की है। बीजेपी नेता ने विपक्षी दलों पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाने के लिए फंडिंग देने का आरोप लगाया।
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Hyderabad Cyber Crime Meta India
BJP नेता का दावा- 'विपक्षी दल दे रहे सोशल मीडिया हैंडल को फंडिंग', फोटो सोर्स- ANI

PM Modi morphed video FIR: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) फोटो-वीडियो पोस्ट करने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख और कई फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सब के बीच तेलंगाना बीजेपी सोशल मीडिया कोर कमेटी के सदस्य टी साईकिरण गौड़ ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए ऐसे हैंडल को फंडिंग दे रहे हैं।

'NEET छात्र नहीं, विपक्ष के पाले हुए लोग कर रहे बदनामी'

शिकायतकर्ता और बीजेपी नेता टी साईकिरण गौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान पीएम मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए थे। बता दें कि साईकिरण गौड़ ने कहा है कि हमने 20 ऐसे सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी, जो पीएम मोदी के वीडियो और फोटो से छेड़छाड़ कर रहे थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विरोध प्रदर्शन का यह तरीका बिल्कुल गलत है। ये हैंडल नीट (NEET) के छात्रों के नहीं हैं, बल्कि पीएम मोदी का अपमान करने के इरादे से बनाए गए हैं।

'विपक्षी दल दे रहे सोशल मीडिया हैंडल को फंडिंग'

बीजेपी नेता ने सीधे तौर पर विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा कि इसके पीछे कौन है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 'विरोधी पार्टियां इन लोगों को पीएम मोदी के खिलाफ नकारात्मक कंटेंट बनाने के लिए पैसे दे रही हैं। मेरा इशारा छात्रों की तरफ नहीं है, बल्कि उन लोगों की तरफ है जिन्हें विपक्ष द्वारा केवल पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए फंड किया जा रहा है।

IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 29 जुलाई की शाम मिली शिकायत के आधार पर यह केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(C) व 67 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) व 336(4) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पुलिस से इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने और मेटा से संपर्क कर इन अकाउंट्स को चलाने वाले लोगों की पहचान करने की मांग की गई है। मामले की आगे की जांच इंस्पेक्टर पी जयशंकर को सौंपी गई है।

Updated on:
31 Jul 2026 12:53 pm
Published on:
31 Jul 2026 12:53 pm