नई दिल्ली

कोयले के ताप से कम, सूरज और पवन से ज्यादा जगमगाएगा भारत

भारत में ग्रीन उर्जा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान हासिल किया है। देश अब कोयले से बिजली पर निर्भरता को कम करते हुए सूरज और हवा की बिजली को बढ़ा रहा है। अब देश की कुल गैर जीवाश्म उर्जा 288.04 गीगावाट पहुंच गई है। इसमें सौर उर्जा की हिस्सेदारी 154.24 गीगावाट और पवन उर्जा की भागीदारी 56.44 गीगावाट है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के अक्षय ऊर्जा उत्पादन में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, जबकि कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर 57.5 गीगावाट की शुद्ध बिजली उत्पादन क्षमता को जोड़ा है

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नई दिल्ली। भारत में ग्रीन उर्जा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान हासिल किया है। देश अब कोयले से बिजली पर निर्भरता को कम करते हुए सूरज और हवा की बिजली को बढ़ा रहा है। अब देश की कुल गैर जीवाश्म उर्जा 288.04 गीगावाट पहुंच गई है। इसमें सौर उर्जा की हिस्सेदारी 154.24 गीगावाट और पवन उर्जा की भागीदारी 56.44 गीगावाट है।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के अक्षय ऊर्जा उत्पादन में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, जबकि कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर के ग्रीन फाइनेंस सेंटर (सीईईडब्ल्यू-जीएफसी) के 'मार्केट हैंडबुक' के अनुसार भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर 57.5 गीगावाट की शुद्ध बिजली उत्पादन क्षमता को जोड़ा है, जो पिछले साल के 33.2 गीगावाट से काफी अधिक है। पिछले साल जोड़ी गई क्षमता में लगभग 54.6 गीगावाट (लगभग 95 प्रतिशत) हिस्सेदारी अक्षय ऊर्जा की है जिसमें बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। वहीं भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता अब लगभग 533 गीगावाट पहुंच गई है, जिसमें अक्षय ऊर्जा का योगदान लगभग 52 प्रतिशत है। इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (इरिना) की हाल ही जारी 'रिन्यूएबल एनर्जी स्टैटिस्टिक्स 2026' रिपोर्ट के अनुसार अब चीन 2,258.02 गीगावाट और अमेरिका 467.92 गीगावाट के बाद भारत का स्थान है। भारत ने पिछले दिनों ब्राजील को पीछे छोड़ दिया था।

लगातार बढ़ रही है क्षमता

भारत में लगभग 151 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता (रूफटॉप सोलर को छोड़कर) निर्माणाधीन है। इनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड और बड़ी हाइड्रो परियोजनाओं से क्रमश: 90 गीगावाट, 29 गीगावाट, 19 गीगावाट और 13 गीगावाट क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

इनका कहना है

भारत का एनर्जी ट्रांजिशन लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में क्षमता वृद्धि में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 95 प्रतिशत रही। वैश्विक व्यवधानों को देखते हुए, यह बेहद जरूरी होता जाता है कि हम अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को पाने के लिए अपने रास्ते पर डटे रहें।

-गगन सिद्धू, निदेशक, सीईईडब्ल्यू-जीएफसी

नवीकरणीय उर्जा में किसकी कितनी हिस्सेदारी (गीगावाट में)

सौर उर्जा 154.24
पवन उर्जा56.4
बायोमास (बैगास) 9.8
बायोमास (नॉन बैगास) 1.04
स्मॉल हाइड्रो पॉवर5.17
बड़े हाइड्रो पॉवर 51.4
परमाणु उर्जा 8.7
वेस्ट टू एनर्जी-.8

सौर उर्जा में कितनी किसकी हिस्सेदारी (गीगावाट में)

कुल सौर उर्जा154.24
ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट117.36
ग्रिड से जुड़े सोलर रूफटॉप26.75
हाईब्रिड प्रोजेक्ट्स( सोलर कंपोनेंट)3.96
ऑफ ग्रिड सोलर 6.17
Published on:
13 May 2026 01:36 pm
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