- भारत यात्रा से लौटते ही मैक्रों ने की इंटरनेशनल क्लासेज शुरू करने की घोषणा
नई दिल्ली। भारतीय छात्र अब फ्रांस जाकर फ्रेंच भाषा में उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत यात्रा के बाद स्वदेश पहुंचते ही इंटरनेशनल क्लासेज शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत भारतीय छात्र फ्रांस में अपनी पसंद की डिग्री हासिल करने से पहले एक साल तक फ्रेंच सीख सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत के बाद जारी साझा बयान में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया था। साथ ही इंटरनेशनल क्लासेज की शुरुआत इसी वर्ष सितम्बर से करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति की घोषणा के अनुरूप भारतीय छात्रों को फ्रांस में उनके चुने हुए पाठ्यक्रम में प्रवेश से पहले एक शैक्षणिक वर्ष के दौरान उच्च प्रतिष्ठित फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषा के रूप में फ्रेंच सिखाई जाएगी।
भारत में फ्रांस के दूतावास ने मंगलवार को कहा कि क्लासेस इंटरनेशनल प्रोग्राम भारत के हाई स्कूल स्नातकों को केवल अंग्रेजी पाठ्यक्रमों तक सीमित किए बिना फ्रांस की समृद्ध, विविध व विश्व-प्रसिद्ध शैक्षिक पेशकशों तक पहुंच में मदद के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक वर्ष का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद भारतीय छात्र फ्रेंच भाषा वाले स्नातर पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश हासिल कर सकेंगे। इसमें महज शैक्षणिक उत्कृष्टता की शर्त रखी गई है। फ्रांस में उच्च शिक्षा में मदद के लिए फ्रांसीसी दूतावास प्रतिभावान छात्रों को स्कॉलरशिप भी देगा। दूतावास के अनुसार क्लासेज इंटरनेशनल के लिए भारतीय छात्र 31 मार्च तक www.classesinternationales.org पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
आमेर में किया था इशारा
गत 25 जनवरी को जयपुर में आमेर भ्रमण के दौरान मैक्रॉन ने दिल्ली विश्वविद्यालय व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के फ्रांसीसी विभाग से संबंद्ध एलायंस फ्रांसेइस डी जयपुर के विद्यार्थियों तथा फ्रांस से उच्च शिक्षा हासिल कर लौटे भारतीय छात्रों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भारतीय छात्रों के लिए अधिक अवसर खोलने की फ्रांस की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए क्लासेस इंटरनेशनल, पूर्व छात्रों के लिए पांच वर्षीय अल्पकालिक शेंगेन वीज़ा जैसी सुविधाएं शुरू करने पर जोर दिया था।